अब मैं वृंदावन में बसूँगी भजन

अब मैं वृंदावन में बसूँगी भजन Aub Main Vrindavan Me Basungi Bhajan

 
Aub Main Vrindavan Me Basungi Bhajan

भाव-श्री भोली गोपी का
अब मैं वृंदावन में बसूँगी,
संतन के संग बैठ बैठ मन,
राधे रंग रंगूँगी।।
अब मैं वृंदावन में बसूँगी।।

राधे नाम का रस पी पीकर,
लोक की लाज तजूँगी।।
अब मैं वृंदावन में बसूँगी,
संतन के संग बैठ बैठ मन,
राधे रंग रंगूँगी।।
अब मैं वृंदावन में बसूँगी।।

राधे की छवि हृदय बसाकर,
हर पल नाम रटूँगी।।
अब मैं वृंदावन में बसूँगी,
संतन के संग बैठ बैठ मन,
राधे रंग रंगूँगी।।

अब मैं वृंदावन में बसूँगी।।
भोली गोपी की अभिलाषा,
महल टहलनी बनूँगी।।
अब मैं वृंदावन में बसूँगी,

संतन के संग बैठ बैठ मन,
राधे रंग रंगूँगी।।
अब मैं वृंदावन में बसूँगी।।


Shyama Aan Baso Vrindavan Mein | Swasti Mehul | Latest Krishna Bhajan

ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.
 

पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।

 
Bhav-Shri Bholi Gopi Ka
Ab Main Vrindavan Mein Basungi,
Santan Ke Sang Baith Baith Man,
Radhe Rang Rangungi।।
Ab Main Vrindavan Mein Basungi।।
Radhe Naam Ka Ras Pi Pikar,
Lok Ki Laaj Tajungi।।
Ab Main Vrindavan Mein Basungi,
Santan Ke Sang Baith Baith Man,
Radhe Rang Rangungi।।
Ab Main Vrindavan Mein Basungi।।
Radhe Ki Chhavi Hriday Basakar,
Har Pal Naam Ratungi।।
Ab Main Vrindavan Mein Basungi,
Santan Ke Sang Baith Baith Man,
Radhe Rang Rangungi।।
Ab Main Vrindavan Mein Basungi।।
Bholi Gopi Ki Abhilasha,
Mahal Tahalni Banungi।।
Ab Main Vrindavan Mein Basungi,
Santan Ke Sang Baith Baith Man,
Radhe Rang Rangungi।।
Ab Main Vrindavan Mein Basungi।। 

यह भजन भोली गोपी की भावनाओं को व्यक्त करता है, जो वृंदावन में बसने और राधे के रंग में रंगने की इच्छा रखती है। गोपी का मन राधा नाम के रस में लीन है और वह लोक लाज को त्याग कर हर पल राधा के नाम का जाप करती है। उनकी अभिलाषा है कि वह महल टहलनी बनकर राधा की छवि को अपने हृदय में बसाएं। इस भजन में भक्ति, प्रेम, और आध्यात्मिकता का सुंदर संगम है। गोकुल की गोपियों की सरलता और उनकी राधा के प्रति अनन्य श्रद्धा को इस भजन के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है।
 
भोली गोपी का भजन, वृंदावन भजन लिरिक्स, राधा रंग भजन, संतों के संग भजन, राधा नाम रस भजन, वृंदावन प्रेम भजन, भोली गोपी राधा भजन, भक्ति रस भजन, राधा की छवि भजन, महल टहलनी भजन

आपको ये पोस्ट पसंद आ सकती हैं
Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर भजनों का संग्रह । इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें

Next Post Previous Post