यह पोस्ट उन दिलों के दर्द को महसूस करने के लिए है, जिनमें प्यार और धोखे के अनकहे किस्से समाए हुए हैं। ज़िंदगी में कई बार ऐसा होता है जब किसी से बेहद मोहब्बत करने के बाद भी दिल टूट जाता है, और तब अपनों से ही मोहब्बत करने का मन नहीं करता। शायरों की शेरो-शायरी में यह दर्द और ग़म बड़ी खूबसूरती से बयां होता है। ग़ज़लें जैसे 'मुद्दत हुई इक शख़्स ने दिल तोड़ दिया था' और 'रंजिश ही सही दिल ही दुखाने के लिए आ' हमें उस गहरे दर्द का एहसास कराती हैं, जो हमने कभी महसूस किया था। इन शेरों में वो एहसास है जो शायद हम सब की ज़िंदगी में कभी न कभी आया हो, जब दिल टूटता है और फिर से जीने की कोशिश करते हैं। तो आइए, इन दर्द भरी शायरियों को पढ़िए और महसूस कीजिए उस ग़म को, जो कभी आपके दिल में था।
टूटे दिल की बेहतरीन शायरी
मुद्दत हुई इक शख़्स ने दिल तोड़ दिया था
इस वास्ते अपनों से मोहब्बत नहीं करते
साक़ी फ़ारुक़ी
कहते न थे हम 'दर्द' मियाँ छोड़ो ये बातें
पाई न सज़ा और वफ़ा कीजिए उस से
ख़्वाजा मीर दर्द
तेरी आँखों में जो चमक है, वो मेरे दिल को हर रोज़ बयां करती है,
तेरे बिना तो ये दुनिया भी, जैसे किसी वीराने में खो जाती है।
दिल की तन्हाई में तू ही मेरी आवाज़ बन,
रूह की ग़ज़ल में तू ही मेरी राहत बन।
कभी तू पास हो, कभी तू दूर हो,
लेकिन मेरी मोहब्बत में तू हमेशा मौजूद हो।
तेरे जाने के बाद जीने का कोई मतलब नहीं रहा,
हर सपना टूट गया, हर ख्वाब भी सो गया।
तेरी यादों के सहारे कट रही है रातें,
दिल टूटने की कहानी कहां से शुरू करूं?
तेरे साथ जो हर सपना था, वो अब अधूरा सा लगता है,
तूने छोड़ दिया, अब जीना जैसे बोझ सा लगता है।
दिल की दुनिया तूने जब तोड़ी, अब हर पल यही सवाल है,
क्या वजह थी जो तुझे इतना चाहा मैंने?
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तेरे बिना कुछ भी अधूरा सा लगता है,
हर ख्वाब, हर पल, हर सांस में तेरी कमी महसूस होती है।
तिरे सुलूक का ग़म सुब्ह-ओ-शाम क्या करते
ज़रा सी बात पे जीना हराम क्या करते
रईस सिद्दीक़ी
ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता
एक ही शख़्स था जहान में क्या
जौन एलिया
तेरे ख्वाबों में खो जाने का अब आदत हो गई है,
हर पल तेरे बिना जीने की ख़ामोशी को अब सहना हो गया है।
चाहे दूर रहूं या पास रहूं,
तू हमेशा मेरे दिल में बसी रहती है।
तुझसे जुदाई का ख़्याल भी दिल से गुजर नहीं सकता,
तेरी मोहब्बत का खुमार सिर से उतर नहीं सकता।
तू जब पास होती है, हर पल सुकून सा लगता है,
जब दूर जाती है, तो दिल में तन्हाई की धड़कन बढ़ जाती है।
मुझसे ज्यादा मैं तेरे करीब महसूस करता हूँ,
तेरे बिना, इस दुनिया को मैं अधूरा समझता हूँ।
ज़माने भर के ग़म या इक तिरा ग़म
ये ग़म होगा तो कितने ग़म न होंगे
हफ़ीज़ होशियारपुरी
बद-क़िस्मती को ये भी गवारा न हो सका
हम जिस पे मर मिटे वो हमारा न हो सका
शकेब जलाली
कुछ दिन के बा'द उस से जुदा हो गए 'मुनीर'
उस बेवफ़ा से अपनी तबीअत नहीं मिली
मुनीर नियाज़ी
रंजिश ही सही दिल ही दुखाने के लिए आ
आ फिर से मुझे छोड़ के जाने के लिए आ
अहमद फ़राज़
तेरी मुस्कान में जो बात है,
वो किसी किताब की पहली लाइन से कम नहीं।
तेरी एक नज़र से दिल का हर डर खत्म हो जाता है,
तेरे ख्यालों से ही दिल का हर दर्द हल्का हो जाता है।
तुझसे बिछड़कर जीना, अब मेरी तक़दीर नहीं,
तू मेरे साथ हो, बस यही मेरी उम्मीद है।
आँखों में तेरे जो नमी होती है,
वो बिना कहे मेरी मोहब्बत को जिंदा कर देती है।
तेरे बिना दिल में सूनापन सा लगता है,
तेरे ख्यालों के बिना दिन भी खामोश सा लगता है।
ज़िन्दगी में सब कुछ मिलता है सिवाय तेरे,
हर चीज़ है लेकिन तू नहीं।
तू है तो मैं हूँ, और अगर तू नहीं है,
तो दिल का ये जहां भी ख़ाली सा लगता है।
कुछ खास बात है तेरे हर पल में,
तू सिर्फ़ अपना है, और मैं सिर्फ़ तेरा।
ख़ुशबू तेरी तुझसे दूर रहते हुए भी महसूस होती है,
तेरे बिना मेरे दिल में तन्हाई नहीं रह पाती।
तेरी हँसी में वो असर है,
कि हर ग़म पल भर में ओझल हो जाता है।
मेरी ज़िन्दगी का सफर अब आसान हो गया,
जबसे तू मेरी राहों में शामिल हो गया।
मेरा दिल कभी खाली नहीं था,
लेकिन तेरी मोहब्बत ने उसे पूरा कर दिया।
ये बात तर्क-ए-तअल्लुक़ के बाद हम समझे
किसी से तर्क-ए-तअल्लुक़ भी इक तअल्लुक़ है
अज्ञात
आँख से दूर न हो दिल से उतर जाएगा
वक़्त का क्या है गुज़रता है गुज़र जाएगा
अहमद फ़राज़
हम को उन से वफ़ा की है उम्मीद
जो नहीं जानते वफ़ा क्या है
मिर्ज़ा ग़ालिब
शौक़ चढ़ती धूप जाता वक़्त घटती छाँव है
बा-वफ़ा जो आज हैं कल बे-वफ़ा हो जाएँगे
आरज़ू लखनवी
तेरे ही ग़म में मर गए सद-शुक्र
आख़िर इक दिन तो हम को मरना था
निज़ाम रामपुरी
हो दूर इस तरह कि तिरा ग़म जुदा न हो
पास आ तो यूँ कि जैसे कभी तू मिला न हो
अहमद फ़राज़
सोचा नहीं था कभी ऐसे मोड़ पर आना होगा,
रोना भी जरूरी होगा और आँसू भी छुपाने होंगे।
बहुत दूर आ गए रिश्तों को निभाते निभाते,
खुद को मिटा दिया अपनों को पाते पाते।
जो कुछ पाने वाले थे, वो बहुत कुछ खो बैठे,
ज्यादा हंसने वाले अक्सर रोते रहते हैं।
वो मेरा दिल बहलाकर चले जाते हैं,
जितनी खुशी होती है उनसे मिलकर,
उससे ज्यादा रुलाकर चले जाते हैं।
कसूर सिर्फ इतना था मेरा,
हर किसी के दर्द में शामिल हो जाता था।
उस मोड़ पर आकर खड़ी है मेरी जिंदगी,
ना कुछ कहा जाता है, ना कुछ सहा जाता है।
तुम मुझे छोड़ के जाओगे तो मर जाऊँगा
यूँ करो जाने से पहले मुझे पागल कर दो
बशीर बद्र
सोचते थे प्यार देखकर वक्त दिया जाता है,
लोगों ने सिखा दिया वक्त देखकर प्यार करना।
सिकायत नहीं तुझसे कि तेरा साथ नहीं,
बस तू खुश रहना, अपनी तो कोई बात नहीं।
कहते हैं टूटा हुआ दिल किसी के काम नहीं आता,
मगर टूटा हुआ दिल किसी का दिल नहीं दुखाता।
उठाए फिरता रहा मैं बहुत मोहब्बत को
फिर एक दिन यूँही सोचा ये क्या मुसीबत है
अंजुम सलीमी
कुछ हार गया मुक़द्दर, कुछ टूट गए सपने,
कुछ गैरों ने किया बर्बाद, कुछ रूठ गए अपने।
बहुत दर्द देती हैं तेरी यादें,
सो जाऊं तो जगा देती हैं, जग जाऊं तो रुला देती हैं।
कभी जो जीने की वजह हुआ करते थे,
आज वही हमें मारने पर तुले हैं।
जिन्दगी में एक ऐसा इंसान भी जरूरी है,
जो बिना लफ़्ज़ों के दिल का हाल समझ ले।
मैं उस हालात से गुजर रहा हूं,
जहां लगता है मौत जरूरी है।
किसको क्या बताए कितने मजबूर हैं हम,
जिसको दिल दिया उसी से दूर हैं हम।
वही कारवाँ वही रास्ते वही ज़िंदगी वही मरहले
मगर अपने अपने मक़ाम पर कभी तुम नहीं कभी हम नहीं
शकील बदायूनी
खोते हैं अगर जान तो खो लेने दे,
ऐसे में जो हो जाए वो हो लेने दे,
तमाम उम्र पड़ी है हंसने के लिए,
इस वक़्त तो जी भर के रो लेने दे।
वजह क्या थी रूठ जाने की,
क्या कसूर था मेरा,
हमने सिर्फ बाते मानी हैं तेरी,
बात न करने का फैसला था तेरा।
उम्मीद न कर इश्क की दुनिया में हमदर्दी की,
बड़े प्यार से जख्म देते हैं ये चाहने वाले।
उलझी उलझी सी है जिन्दगी,
उलझे हैं सपने सारे,
ख़ता सिर्फ गैरों की नहीं,
यहां रूठे हैं अपने सारे।
वो टूटते हुए रिश्तों का हुस्न-ए-आख़िर था
कि चुप सी लग गई दोनों को बात करते हुए
राजेन्द्र मनचंदा बानी
ये क्या है मोहब्बत में तो ऐसा नहीं होता
मैं तुझ से जुदा हो के भी तन्हा नहीं होता
शहरयार
ये हमीं हैं कि तिरा दर्द छुपा कर दिल में
काम दुनिया के ब-दस्तूर किए जाते हैं
अज्ञात
ऐ दोस्त हम ने तर्क-ए-मोहब्बत के बावजूद
महसूस की है तेरी ज़रूरत कभी कभी
नासिर काज़मी
ग़म बहुत है, खुलासा मत होने देना,
मुस्कुरा देना मगर तमाशा मत होने देना।
आदमी जान के खाता है मोहब्बत में फ़रेब
ख़ुद-फ़रेबी ही मोहब्बत का सिला हो जैसे
इक़बाल अज़ीम
तुम्हारे बाद फिर कहां किसी की हसरत रहेगी,
खमखा उम्र भर मोहब्बत से नफरत रहेगी।
जो कुछ पड़ती है सर पर सब उठाता है मोहब्बत में
जहाँ दिल आ गया फिर आदमी मजबूर होता है
लाला माधव राम जौहर
इश्क़ वालों को फुर्सत कहाँ कि वो ग़म लिखेंगे,
कलम इधर लाओ, बेवफाओं के बारे में हम लिखेंगे।!!
मेरा हाल देख कर मोहब्बत भी शर्मिंदा है,
की ये शख्स सब कुछ हार गया फिर भी जिंदा है।
बारहा उन से न मिलने की क़सम खाता हूँ मैं
और फिर ये बात क़स्दन भूल भी जाता हूँ मैं
इक़बाल अज़ीम
मुझे छूकर एक फकीर ने कहा,
अजीब लास है सांस भी लेती है।
वो हाल भी ना पूछ सके हमें बेहाल देख कर,
हम हाल भी ना बता सके उसे खुश हाल देख कर।
उसकी गली से होकर गुजरेगा जनाजा मेरा,
फरिश्तों ने ये लालच देकर मेरी जान ले ली
इश्क़ फिर इश्क़ है आशुफ़्ता-सरी माँगे है
होश के दौर में भी जामा-दरी माँगे है
उनवान चिश्ती
रख आए हैं हम अपनी मोहब्बत उनके दरवाजे पर,
अब हमें अपने घर की जिम्मेदारियाँ संभालनी हैं।
मत कर गुरुर अपने आप पर,
तेरे जैसे खुदा ने कितने बना कर मिटा दिए।
करूँगा क्या जो मोहब्बत में हो गया नाकाम
मुझे तो और कोई काम भी नहीं आता
ग़ुलाम मोहम्मद क़ासिर
तू उजाड़ गई मुझको किसी और को हंसाने के चक्कर में,
मैंने हंसना छोड़ दिया तुझे हंसाने के चक्कर में।
डुबोया उनको भी ठहरे समंदर ने,
अंदाज़ जिनको बहुत गहराई का था।!
मोहब्बत सोज़ भी है साज़ भी है
ख़मोशी भी है ये आवाज़ भी है
अर्श मलसियानी
जो रुला सकता है,
वो भुला भी सकता है।!
बहुत देर कर दी तुमने मेरी धड़कनें महसूस करने में,
वो दिल नीलाम हो गया जिसपर कभी हुकूमत तुम्हारी थी।
नहीं चाहिए किसी की झूठी हमदर्दी,
मैं अपनी तकलीफों के साथ खुश हूं।
इंतजार हार गया, क्योंकि किसी की जिद,
किसी के दर्द से बड़ी हो गई।
गलती उसकी नहीं, उसे चाहने वाले मुझसे बेहतर थे,
कुछ सूरत में खास तो कुछ रुतबे में अच्छे थे.
दिल डरता है अब शिकायतें करने से, यारो!
लोग गलती सुधारने की जगह छोड़ना बेहतर समझते हैं.
हमें भी नींद आ जाएगी हम भी सो ही जाएँगे
अभी कुछ बे-क़रारी है सितारो तुम तो सो जाओ
क़तील शिफ़ाई
नज़र ना आऊं इतना भी दूर ना करो मुझे,
पूरी तरह बदल जाऊं इतना भी मजबूर ना करो मुझे.
फिरसे नया शख्स मुझे समझने आया है,
मैं सोच रहा हूँ उसे अपने पुराने किस्से सुना दूं.
मैं किससे जाकर कहूं हाल-ए-दिलअपना,
मेरे दुःख से वाकिफ तो मेरी माँ भी नहीं है.
एक साथ चार कंधे देखकर मुर्दे के मन में विचार आया,
की एक ही काफी था अगर जीते जी सहारा मिला होता।
सोचो तो जिंदगी हो तुम,
देखू तो किसी और की।
न जाने कौन सी मंज़िल पे इश्क़ आ पहुँचा
दुआ भी काम न आए कोई दवा न लगे
अज़ीज़ुर्रहमान शहीद फ़तेहपुरी
आज एक चेहरे ने मुस्कुरा कर देखा तो याद आया,
ऐसे ही एक चेहरे ने बर्बाद किया था।
कुछ नहीं बचा मेरे इन खाली हाथों में,
एक हाथ से किस्मत रूठ गई दूसरे से मोहब्बत छूट गई।
रब ने तुझे लिखा ही नहीं मेरी किस्मत में शायद,
वरना खोया तो बहुत कुछ था तुझे पाने के लिए।
तेरी यादों में खो जाता हूँ,
तेरे बिना मैं तो रो जाता हूँ।
तेरे चेहरे की वो मुस्कान है प्यारी,
जैसे चाँद की चाँदनी हो सारी।
तुझसे दूर होकर दिल बेचैन रहता है,
तू पास हो, तो दिल चैन से रहता है।
तेरी एक हँसी में जी जाता हूँ,
तेरे बिना तो मैं मर जाता हूँ।
तुझे सोचकर दिन गिनता हूँ,
तेरे बिना तो जी नहीं पाता हूँ।
राहों में तेरी उम्मीदें बसी हैं,
दिल में तेरी मोहब्बत की खुशबू सी है।
तेरी चाहत में दिल खो जाता है,
तेरे बिना तो सब कुछ थम सा जाता है।
तू दूर है फिर भी पास महसूस होता है,
तेरे बिना हर पल अधूरा सा लगता है।
तेरी आँखों में जो जादू है प्यारा,
वो कभी न हो खत्म, यही है हमारा।
तेरी मोहब्बत में कुछ ऐसा असर है,
हर दर्द की सूरत भी अब खूबसूरत है।
तू है तो ज़िन्दगी रंगीन लगती है,
तेरे बिना तो ये दुनिया फीकी लगती है।
तेरी बातें दिल में बसी हैं,
तेरी यादों की लकीरें खुदी हैं।
तेरे बिना दिल में खलता है कुछ,
तेरी यादें ही तो हैं जो निभाती हैं रफ़्तार।
तेरी धड़कन में सुकून पाया है,
तेरी बाहों में पूरा संसार पाया है।
तेरे बिना इस दिल में कुछ नहीं,
तेरे साथ ही तो जीने की वजह है ये जिंदगी।
तू पास हो, तो समय रुक जाता है,
तेरे बिना हर दिन खो जाता है।
मुझे हर रात तेरी यादों में खोना है,
तेरी यादों से ही तो मुझे जीना है।
तेरी नज़रों में जो गहराई है,
वो मुझे किसी किताब से भी ज्यादा सिखाई है।
तेरे बिना मुझे अब जीना नहीं आता,
तेरे बिना तो मेरा दिल भी अब कहता।
तेरे बिना मैं हमेशा अकेला रहता हूँ,
तू हो तो सारा जहाँ मेरा लगता हूँ।
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Author - Saroj Jangir
दैनिक रोचक विषयों पर में 20 वर्षों के अनुभव के साथ, मैं एक विशेषज्ञ के रूप में रोचक जानकारियों और टिप्स साझा करती हूँ, मेरे इस ब्लॉग पर। मेरे लेखों का उद्देश्य सामान्य जानकारियों को पाठकों तक पहुंचाना है। मैंने अपने करियर में कई विषयों पर गहन शोध और लेखन किया है, जिनमें जीवन शैली और सकारात्मक सोच के साथ वास्तु भी शामिल है....अधिक पढ़ें।
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