भोले तेरे दर पे आए बाबा आस लगाए
भोले तेरे दर पे आए बाबा आस लगाए
हो भोले तेरे दर पे आए,
बाबा आस लगाए,
बस तेरे गुण गाए,
तन मन धन सब तुझपे लुटाए।
हो भोले तेरे दर पे आए,
बाबा आस लगाए,
बस तेरे गुण गाए,
तन मन धन सब तुझपे लुटाए।
आ जाओ लेकर नंदी की सवारी,
भोले सुन लो अरजी हमारी।
झर-झर झर झरनेश्वर भोले,
बहता जटा से पानी।
वन में तेरा वास, जहां से
प्रकटे चारभुजा जी।
झर-झर झर झरनेश्वर भोले,
बहता जटा से पानी।
वन में तेरा वास, जहां से
प्रकटे चारभुजा जी।
नगरी-नगरी ढूंढ़त-ढूंढ़त, आया तेरे द्वारे,
बेटा हूं मैं तेरा भोले, मुझको गले लगा ले।
नगरी-नगरी ढूंढ़त-ढूंढ़त, आया तेरे द्वारे,
बेटा हूं मैं तेरा भोले, मुझको गले लगा ले।
कहते हैं तुझको वन हिमालय वासी,
चरणों में दे दो जगह तुम जरा-सी।
झर-झर झर झरनेश्वर भोले,
बहता जटा से पानी।
वन में तेरा वास, जहां से
प्रकटे चारभुजा जी।
पापी दुनिया की माया से, खुद को कैसे बचाओगे,
कण-कण में प्रभु वास है करते,
नजरें कैसे मिला पाओगे।
पापी दुनिया की माया से, खुद को कैसे बचाओगे,
कण-कण में प्रभु वास है करते,
नजरें कैसे मिला पाओगे।
भोले देखो माया तुम्हारी,
आने नहीं देती शरण तिहारी।
झर-झर झर झरनेश्वर भोले,
बहता जटा से पानी।
वन में तेरा वास, जहां से
प्रकटे चारभुजा जी।
बाबा आस लगाए,
बस तेरे गुण गाए,
तन मन धन सब तुझपे लुटाए।
हो भोले तेरे दर पे आए,
बाबा आस लगाए,
बस तेरे गुण गाए,
तन मन धन सब तुझपे लुटाए।
आ जाओ लेकर नंदी की सवारी,
भोले सुन लो अरजी हमारी।
झर-झर झर झरनेश्वर भोले,
बहता जटा से पानी।
वन में तेरा वास, जहां से
प्रकटे चारभुजा जी।
झर-झर झर झरनेश्वर भोले,
बहता जटा से पानी।
वन में तेरा वास, जहां से
प्रकटे चारभुजा जी।
नगरी-नगरी ढूंढ़त-ढूंढ़त, आया तेरे द्वारे,
बेटा हूं मैं तेरा भोले, मुझको गले लगा ले।
नगरी-नगरी ढूंढ़त-ढूंढ़त, आया तेरे द्वारे,
बेटा हूं मैं तेरा भोले, मुझको गले लगा ले।
कहते हैं तुझको वन हिमालय वासी,
चरणों में दे दो जगह तुम जरा-सी।
झर-झर झर झरनेश्वर भोले,
बहता जटा से पानी।
वन में तेरा वास, जहां से
प्रकटे चारभुजा जी।
पापी दुनिया की माया से, खुद को कैसे बचाओगे,
कण-कण में प्रभु वास है करते,
नजरें कैसे मिला पाओगे।
पापी दुनिया की माया से, खुद को कैसे बचाओगे,
कण-कण में प्रभु वास है करते,
नजरें कैसे मिला पाओगे।
भोले देखो माया तुम्हारी,
आने नहीं देती शरण तिहारी।
झर-झर झर झरनेश्वर भोले,
बहता जटा से पानी।
वन में तेरा वास, जहां से
प्रकटे चारभुजा जी।
Jharneshwar Bhole झरनेश्वर भोले: Deepak Parashar (Official Video)Minku Rajasthani-New Bholenath Song
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Singer / Lyrics - Deepak Parashar
Music -Deepak parashar
Mix/Master- Deepak Parashar
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Mix/Master- Deepak Parashar
यह भजन भगवान शिव के प्रति भक्त की गहरी भक्ति, समर्पण और उनकी शरण में आने की तीव्र लालसा को व्यक्त करता है। भक्त अपने तन, मन और धन को भोलेनाथ के चरणों में अर्पित करने को तैयार है, यह विश्वास रखते हुए कि शिव की कृपा ही उसे सांसारिक माया और पापों से मुक्ति दिला सकती है। भजन में भक्त की यह पुकार कि वह नगरी-नगरी भटककर आखिरकार शिव के द्वार पर पहुँचा है, एक बेटे की तरह उनकी शरण माँगता है, यह दर्शाता है कि भक्त के लिए शिव केवल ईश्वर नहीं, बल्कि एक पिता के समान हैं, जो अपने बच्चों को गले लगाकर उनकी हर पीड़ा को हर लेते हैं। शिव का झरनेश्वर स्वरूप, जिनकी जटाओं से गंगा बहती है और जो हिमालय के वनों में वास करते हैं, भक्त के लिए उनकी सुलभता और सर्वव्यापीता का प्रतीक है, जो उसे आध्यात्मिक शांति और निकटता का अनुभव कराता है।
झरनेश्वर महादेव -100 फिट आकर्षिक जलप्रपात
चौकड़ी,कंजार्डा बरखेड़ा, चौकड़ी, झूपड़िया
तह. मनासा , ज़िला - नीमच (म.प्र )
चौकड़ी,कंजार्डा बरखेड़ा, चौकड़ी, झूपड़िया
तह. मनासा , ज़िला - नीमच (म.प्र )
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Author - Saroj Jangir
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