मुनि अगस्ति कर सिष्य सुजाना अरण्य काण्ड
मुनि अगस्ति कर सिष्य सुजाना अरण्य काण्ड मुनि अगस्ति कर सिष्य सुजाना। नाम सुतीछन रति भगवाना।। मन क्रम बचन राम पद सेवक। सपनेहुँ आन भरोस न...
मुनि अगस्ति कर सिष्य सुजाना अरण्य काण्ड मुनि अगस्ति कर सिष्य सुजाना। नाम सुतीछन रति भगवाना।। मन क्रम बचन राम पद सेवक। सपनेहुँ आन भरोस न...
राउरि रीति सुबानि बड़ाई अयोध्या काण्ड राउरि रीति सुबानि बड़ाई। जगत बिदित निगमागम गाई।। कूर कुटिल खल कुमति कलंकी। नीच निसील निरीस निसंकी।। ...
सुनि ससोच कह देबि सुमित्रा अयोध्या काण्ड सुनि ससोच कह देबि सुमित्रा। बिधि गति बड़ि बिपरीत बिचित्रा।। जो सृजि पालइ हरइ बहोरी। बाल केलि सम बिधि...
प्रभु प्रसाद सुचि सुभग सुबासा अयोध्या काण्ड प्रभु प्रसाद सुचि सुभग सुबासा। सादर जासु लहइ नित नासा।। तुम्हहि निबेदित भोजन करहीं। प्रभु प्र...
सुनत तीरवासी नर नारी अयोध्या काण्ड सुनत तीरवासी नर नारी। धाए निज निज काज बिसारी।। लखन राम सिय सुन्दरताई। देखि करहिं निज भाग्य बड़ाई।। अति ...