किस्सा गोपीचन्द लख्मीचन्द
किस्सा "गोपीचन्द" लख्मीचन्द कान पङा लिये जोग ले लिया कान पड़ा लिये जोग ले लिया, इब गैल गुरु की जाना सै। अपने हाथां जोग दिवाया, ...
किस्सा "गोपीचन्द" लख्मीचन्द कान पङा लिये जोग ले लिया कान पड़ा लिये जोग ले लिया, इब गैल गुरु की जाना सै। अपने हाथां जोग दिवाया, ...
किस्सा कृष्ण जन मांगे राम पृथ्वी कहन लगी ब्रह्मा से, लाज बचा द्यो नें मेरी। उग्रसेन का कंस अधर्मी, ऋषियों पे विपता घेरी।। यज्ञ हवन तप दान र...
गंगा जी तेरे खेत में री माई गड़े सैं हिंडोळे चयार गंगा जी तेरे खेत में री माई, गड़े सैं हिंडोळे चयार, कन्हैया झूलते संग रुक्मण झूल रही।। शि...
अणी ए गणी मेरी नणदी मनरा फिरै गली ए गली मेरी नणदी मनरा फिरै। मेरी नणदी मनरे नै ल्याओ रे बुलाय।। चूड़ा तै मेरी जान, चूड़ा तै हाथी दाँत का।। ...