तुम्हारे चरणों में हमने देखा कृष्ण भजन
तुम्हारे चरणों में हमने देखा कृष्ण भजन
तुम्हारे चरणों में हमने देखा,
गजब की ममता बरस रही है,
तुम्हारे दर्शन की आस में माँ,
तुम्हारे दर्शन की आस में माँ,
हमारी अखियाँ तरस रही है,
तुम्हारे चरणों में हमने देखा,
गजब की ममता बरस रही है।
सुना है तेरी कृपा निराली,
सुना है तेरी कृपा निराली,
जो दर पे आया गया ना खाली,
तुम्हारे आँचल की छाँव में माँ,
तुम्हारे आँचल की छाँव में माँ,
दया की सरिता छलक रही है,
तुम्हारे चरणों में हमने देखा,
गजब की ममता बरस रही है।
मिला सहारा जो जग से हारा,
मिला सहारा जो जग से हारा,
फँसा भंवर में हुआ किनारा,
तुम्हारी दृष्टि पड़ी है जिस पर,
तुम्हारी दृष्टि पड़ी है जिस पर,
माँ उसकी किस्मत संवर रही है,
तुम्हारे चरणों में हमने देखा,
गजब की ममता बरस रही है।
तुम्हारे चरणों में हमने देखा,
गजब की ममता बरस रही है,
तुम्हारे दर्शन की आस में माँ,
तुम्हारे दर्शन की आस में माँ,
हमारी अखियाँ तरस रही है,
तुम्हारे चरणों में हमने देखा,
गजब की ममता बरस रही है।
गजब की ममता बरस रही है,
तुम्हारे दर्शन की आस में माँ,
तुम्हारे दर्शन की आस में माँ,
हमारी अखियाँ तरस रही है,
तुम्हारे चरणों में हमने देखा,
गजब की ममता बरस रही है।
सुना है तेरी कृपा निराली,
सुना है तेरी कृपा निराली,
जो दर पे आया गया ना खाली,
तुम्हारे आँचल की छाँव में माँ,
तुम्हारे आँचल की छाँव में माँ,
दया की सरिता छलक रही है,
तुम्हारे चरणों में हमने देखा,
गजब की ममता बरस रही है।
मिला सहारा जो जग से हारा,
मिला सहारा जो जग से हारा,
फँसा भंवर में हुआ किनारा,
तुम्हारी दृष्टि पड़ी है जिस पर,
तुम्हारी दृष्टि पड़ी है जिस पर,
माँ उसकी किस्मत संवर रही है,
तुम्हारे चरणों में हमने देखा,
गजब की ममता बरस रही है।
तुम्हारे चरणों में हमने देखा,
गजब की ममता बरस रही है,
तुम्हारे दर्शन की आस में माँ,
तुम्हारे दर्शन की आस में माँ,
हमारी अखियाँ तरस रही है,
तुम्हारे चरणों में हमने देखा,
गजब की ममता बरस रही है।
तुम्हारी चरणों में मैया - Devi Geet | Ankita Mishra | Pushkar Kumar | Maa Durga Bhajan
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माँ के चरणों में गजब की ममता बरस रही है, जो साधक की अंखियों को दर्शन की आस में तड़पा देती है। उनकी कृपा निराली है, दर पर आया साधक कभी खाली हाथ न लौटता। आंचल की छांव में दया की सरिता छलकती रहती है, जो जग से हारे हुए को सहारा देती है। भंवर में फंसे साधक को किनारा मिल जाता है, और उनकी दृष्टि पड़ते ही किस्मत संवरने लगती है।
माँ का महात्म्य अनघट है, वे साधक को जगत के दुखों से उबार ले जाती हैं। उनकी ममता सागर के समान है, जो हर प्यासे को तृप्त कर देती है। दर्शन मात्र से जीवन की सभी विपत्तियाँ दूर हो जाती हैं, और कृपा बटोरने वाले साधक सदा आनंदित रहते हैं। माँ भवानी जैसी करुणामयी शक्ति साधक को शाश्वत शांति का वरदान देती हैं।
माँ का महात्म्य अनघट है, वे साधक को जगत के दुखों से उबार ले जाती हैं। उनकी ममता सागर के समान है, जो हर प्यासे को तृप्त कर देती है। दर्शन मात्र से जीवन की सभी विपत्तियाँ दूर हो जाती हैं, और कृपा बटोरने वाले साधक सदा आनंदित रहते हैं। माँ भवानी जैसी करुणामयी शक्ति साधक को शाश्वत शांति का वरदान देती हैं।
भजन - तुम्हारी चरणों में मैया
स्वर - अंकिता मिश्रा
रचना व संगीत - पुष्कर कुमार
ऑन स्क्रीन तबला - बंटी बाबू
प्रस्तुति - स्वर आश्रम
स्वर - अंकिता मिश्रा
रचना व संगीत - पुष्कर कुमार
ऑन स्क्रीन तबला - बंटी बाबू
प्रस्तुति - स्वर आश्रम
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Author - Saroj Jangir
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