मेरी मैया के आने से हुआ जगमग चमन

मेरी मैया के आने से हुआ जगमग चमन सारा

(मुखड़ा)
मेरी मैया के आने से,
हुआ जगमग चमन सारा,
कहो, कैसे करूँ वर्णन,
जो उनका रूप था प्यारा।।


(अंतरा)
मुकुट सिर पे सुशोभित था,
सजी माथे पे थी बिंदिया,
बरसता प्यार नज़रों से,
लुटाती भक्त पे सारा,
कहो, कैसे करूँ वर्णन,
जो उनका रूप था प्यारा।।

झूलते कान में कुंडल,
नाक में सर सुहाती थी,
मधुर मुस्कान अधरों पे,
गले में हार था प्यारा,
कहो, कैसे करूँ वर्णन,
जो उनका रूप था प्यारा।।

खनाखन बज रहे कंगना,
रचे थे हाथ मेहंदी से,
अभय करती उठाकर हाथ,
हर लेती वो दुःख सारा,
कहो, कैसे करूँ वर्णन,
जो उनका रूप था प्यारा।।

मेरी मैया के तन पे है,
सुहाती लाल रंग साड़ी,
लगाती भोग हलवे का,
बरसती प्रेम-रस धारा,
कहो, कैसे करूँ वर्णन,
जो उनका रूप था प्यारा।।

सवारी सिंह की करती,
कष्ट भक्तों के है हरती,
जहाँ में जो भी होता है,
इन्हीं का खेल है सारा,
कहो, कैसे करूँ वर्णन,
जो उनका रूप था प्यारा।।

(पुनरावृति)
मेरी मैया के आने से,
हुआ जगमग चमन सारा,
कहो, कैसे करूँ वर्णन,
जो उनका रूप था प्यारा।।
 

मेरी मईया के आने से || Meri Maiya Ke Aane Se || 2017 Hits Mata Bhajan || Bhakti Bhajan Sagar

SongName:  Meri Maiya Ke Aane Se
Producer : Bhakti Bhajan Sagar   
SingerName: Gopeshwari Sharma, Anuradha Sharma, Vibha Sharma
Channel : Bhakti Bhajan Sagar

मैया के आगमन से जीवन का हर कोना प्रेम और प्रकाश से भर जाता है। उनका रूप इतना मनोहर है कि शब्द उसे बयान करने में छोटे पड़ते हैं। सिर पर मुकुट, माथे पर बिंदिया, और नजरों से बरसता अपार प्यार—जैसे माँ अपने बच्चे को सीने से लगाती है, वैसे ही वे भक्तों पर स्नेह लुटाती हैं।

कानों में झूलते कुंडल, अधरों पर मधुर मुस्कान, और गले में सुशोभित हार उनकी दिव्यता को और बढ़ाते हैं। कंगनों की खनक और मेहंदी सजे हाथों से अभय का आशीर्वाद देती हैं, जो हर दुख को क्षण में हर लेता है। लाल साड़ी में सजी मैया, हलवे का भोग लगाकर प्रेम की धारा बहाती हैं।

सिंह की सवारी करने वाली मैया भक्तों के सारे कष्ट मिटाती हैं। सृष्टि का हर खेल उनकी माया से रचा है। जैसे सूरज की किरणें अंधेरे को चीरती हैं, वैसे ही उनका दर्शन जीवन को आनंदमय बनाता है। सच्चा भक्त वही, जो मैया के प्रेम में डूबकर उनके रूप की महिमा को हृदय में बसाता है। 

यह भजन भी देखिये
Next Post Previous Post