भुवन विराजे मोरी माँ भजन

भुवन विराजे मोरी माँ भजन

 (मुखड़ा)
कर सिंह सवारी,
माई लगे प्यारी,
भुवन विराजे मोरी माँ,
अखियन में नूर बहार लिए,
मोरे अंगना पधारो मोरी माँ,
कर सिंह सवारी,
माई लगे प्यारी,
भुवन विराजे मोरी माँ।।


(अंतरा)
माथे में बिंदिया,
नाक नथुनिया,
केसर तिलक लगाए,
लाल चुनरिया ओढ़े मैया,
मंद-मंद मुस्काए,
गले हार लिए, शृंगार किए,
मोरे अंगना पधारो मोरी माँ,
कर सिंह सवारी,
माई लगे प्यारी,
भुवन विराजे मोरी माँ।।

आँखों में कजरा,
बालों में गजरा,
गले मोतियों का हार,
रूप सलोना लागे मैया,
जग की है तारणहार,
दिल में अपने माँ, तू प्यार लिए,
मोरे घर में विराजो मोरी माँ,
कर सिंह सवारी,
माई लगे प्यारी,
भुवन विराजे मोरी माँ।।

एक हाथ में त्रिशूल सोहे,
दूजे हाथ कटार,
भक्त पुकारें, आजा मैया,
सिंह पे होके सवार,
हम आस लिए तेरे द्वार खड़े,
अब दरस दिखा दो मोरी माँ,
कर सिंह सवारी,
माई लगे प्यारी,
भुवन विराजे मोरी माँ।।

(पुनरावृत्ति)
कर सिंह सवारी,
माई लगे प्यारी,
भुवन विराजे मोरी माँ,
अखियन में नूर बहार लिए,
मोरे अंगना पधारो मोरी माँ,
कर सिंह सवारी,
माई लगे प्यारी,
भुवन विराजे मोरी माँ।।

भुवन विराजे मोरी माँ bhuwan viraje mori maa #singar_shivani Namami musical group mandla

सिंगर - शिवानी ब्रम्हे
गीत एवं संगीत - नितिन नंदा ( दद्दू भैया )
म्यूजिक अरेंजमेंट - अमित रजक & बोनी भाई 

माँ शेराँवाली का रूप हृदय को मोह लेता है। सिंह पर सवार, वह सृष्टि में विराजमान हैं, मानो सारी दुनिया उनकी शक्ति से थम जाए। उनकी आँखों में बसंत का नूर झलकता है, जो भक्तों के मन को उजाले से भर देता है। माथे पर बिंदिया, नाक में नथुनी, और केसर का तिलक उनकी शोभा को और बढ़ाता है। लाल चुनरिया ओढ़े, मंद-मंद मुस्कान बिखेरती माँ ऐसी लगती हैं, जैसे कोई ममता भरी माता अपने बच्चों को देख हर्षाए।

गले में मोतियों का हार और काजल से सजी आँखें उनके सलोने रूप को और निखारती हैं। वह जग की तारणहार हैं, जो हर भक्त के दिल में प्यार का दीप जलाती हैं। जैसे कोई माँ अपने बच्चे के लिए घर सजाती है, वैसे ही वह भक्तों के जीवन को प्रेम और शक्ति से सँवारती हैं। एक हाथ में त्रिशूल, दूसरे में कटार लिए, वह दुष्टता को नष्ट कर भक्तों की पुकार सुनती हैं।

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