बढ़ते चलो, बढ़ते चलो, बढ़ते चलो जवानो। ऎ देश के सपूतो! मज़दूर और किसानो।।
है रास्ता भी रौशन और सामने है मंज़िल। हिम्मत से काम लो तुम आसान होगी मुश्किल।। कर के उसे दिखा दो, जो अपने दिल में ठानो। बढ़ते चलो, बढ़ते चलो, बढ़ते चलो जवानो।।
भूखे महाजनों ने, ले रखे हैं इजारे। जिनके सितम से लाखों फिरते हैं मारे-मारे।। हैं देश के ये दुश्मन! इनको न दोस्त जानो। बढ़ते चलो, बढ़ते चलो, बढ़ते चलो जवानो।।
Badhate Chalo, Badhate Chalo, Badhate Chalo Javaano. Ai Desh Ke Saputo! Mazadur Aur Kisaano..