मझधार में छोड़ चले क्यों अपने दीवाने को भजन

मझधार में छोड़ चले क्यों अपने दीवाने को भजन


मझधार में छोड़ चले,
क्यों अपने दीवाने को,
हमने क्या जन्म लिया,
बस आँसू बहाने को।

इंतजार की हद तो श्याम,
कुछ तो होती होगी,
मेरे हाल को पढ़ करके,
कुछ तो सोची होगी,
आँधी का होता साथ,
जैसे दीये को बुझाने को,
हमने क्या जन्म लिया,
बस आँसू बहाने को।

गम के पिंजरे का मैं,
परिंदे परिंदा हूँ,
सब कुछ सह करके मैं,
तेरी आस में जिंदा हूँ,
देते हो औरों को,
क्या मुझको दिखाने को,
हमने क्या जन्म लिया,
बस आँसू बहाने को।

नजरों का बिछा के जाल,
क्या दिन ये दिखाना था,
आगे क्या कम थे दर्द,
जो और बढ़ाना था,
अब वक्त नहीं गुट्टू,
नजरों के फिराने को,
हमने क्या जन्म लिया,
बस आँसू बहाने को।

मझधार में छोड़ चले,
क्यों अपने दीवाने को,
हमने क्या जन्म लिया,
बस आँसू बहाने को।



MAJHDHAR | Suraj Sharma Shyam Bhajan | Latest Khatu Shyam Bhajans 2024 🙏 #shyam

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Singer - Suraj Sharma 9830634480-9831363037 
Lyrics- Guttu Sureka
Music- Dipankar Saha 
Studio- Resonance 
Camera: Bunty & Vicky
 
मझधार में दीवाने को छोड़ जाना अन्याय है, आंसुओं का सैलाब बहाने के लिए जन्म न लिया। इंतजार की हद हो चुकी है, हाल पढ़कर कुछ सोचना चाहिए था। आंधी में दीये बुझाने जैसा साथ न देना, गम के पिंजरे में कैद परिंदा बन जाना। नजरों का जाल बिछाकर दर्द बढ़ाना, वक्त नजरें फिराने का न रहा।

श्याम बाबा का महात्म्य है कि वे दीवाने को मझधार से पार लगाते हैं, आंसुओं को पोंछकर आनंद बांटते हैं। इंतजार की पुकार सुनकर कृपा बरसाते हैं, गम के पिंजरे को तोड़कर मुक्ति प्रदान करते हैं। नजरों से जाल हटाकर सच्चा साथ निभाते हैं, भक्त को शाश्वत शांति का आशीष देते हैं।
 
Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

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