मैं तो हूँ तंग मईया तेरे नन्दलाल से

मैं तो हूँ तंग मईया तेरे नन्दलाल से

 मैं तो हूँ तंग मईया,
तेरे नन्दलाल से,
ले जाता मटकी में से,
माखन निकाल के,
ले जाता मटकी में से,
माखन निकाल के,
मैं तो हूँ तंग मईया,
तेरे नन्दलाल से।।

बड़ों ही खोटे हैं कन्हैया,
माखन रोज चुरावे,
माखन रोज चुरावे,
पीछे पीछे आ जावे जब,
पनिया भरने जावे,
पनिया भरने जावे,
मारे गागर में मोहन,
कंकर उछाल के,
ले जाता मटकी में से,
माखन निकाल के,
मैं तो हूँ तंग मईया,
तेरे नन्दलाल से।।

दोष लगावे ग्वालिन,
तेरे ये लाल पे,
दोष लगावे ग्वालिन,
तेरे ये लाल पे,
रखती नहीं है काहे,
माखन संभाल के।।

बड़ी ही झूठी है गुजरिया,
झूठो दोष लगावे,
झूठो दोष लगावे,
बार-बार मेरी करे शिकायत,
मईया से पिटवावे,
घर में राड़ करावे आवे,
माखन लपेट जाती,
ये मेरे गाल पे,
माखन लपेट जाती,
ये मेरे गाल पे,
रखती नहीं है काहे,
माखन संभाल के,
ले जाता मटकी में से,
माखन निकाल के,
मैं तो हूँ तंग मईया,
तेरे नन्दलाल से।।

मैं तो हूँ तंग मईया,
तेरे नन्दलाल से,
ले जाता मटकी में से,
माखन निकाल के,
ले जाता मटकी में से,
माखन निकाल के,
मैं तो हूँ तंग मईया,
तेरे नन्दलाल से।।

मेतो हू तंग मईया तेरे ईस || स्वर- अंकुल शास्त्री || ANKUL SHASTRI ||
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