या तो रंग धत्तां लग्यो ए माय
या तो रंग धत्तां लग्यो ए माय
या तो रंग धत्तां लग्यो ए माय।।टेक।।
पिया पियाला अगर रस का चढ़ गई घूम घूमाय।
वो तो अमल म्हांरों कबहुं न उतरे, कोट करो न उपाय।
सांप पिटारो राणाजी भेज्यो, द्यो मेड़तणी गल डार।
हंस हंस मीरां कंठ लगायो, यो तो म्हाँरे नौसर हार।
विष का प्यालो राणो जी मेल्यो, द्यो मेड़तणी ने पाय।
कर चरणामृत पी गई रे, गुण गोविन्द रा गाय।
पिया पियाला नाम का रे, और न रंग सोहाय।
मीराँ कहे प्रभु गिरधरनागर, काचो रंग उड़ जाय।।
(धत्तां=खूब,अधिक, घूमाय=चक्कर देकर, अमल=नशा, कोट=कोटि,करोड़,असंख्य, द्यो=दिया, मेड़तणी=
मेड़ते की लड़की,मीरां, नौसर=नौ लड़ियों का, काचो=कच्चा) यह भी देखें You May Also Like
meera Bai Bhajan Lyrics Hindi