कभी तो ये बाबा साथी बन जाता है जैन भजन

कभी तो ये बाबा साथी बन जाता है जैन भजन


कभी तो ये बाबा,
साथी बन जाता है,
कभी तो ये बाबा,
माँझी बन जाता है,
उंगली पकड़ मेरी,
चलना सिखाता है,
कर्मों को काटकर ये,
भगवान बनाता है,
तो बोलो ना,
कभी तो ये बाबा,
साथी बन जाता है।

ठोकर लगी मुझको,
पत्थर नुकीला था,
पर चोट न आई,
बाबा ने संभाला था,
तो बोलो ना,
कभी तो ये बाबा,
साथी बन जाता है।

जो दुखड़ा दिया हमको,
हम किससे बोलेंगे,
तेरे दर पे आकर के,
छुप-छुप के रोएँगे,
तो बोलो ना,
कभी तो ये बाबा,
साथी बन जाता है।

सुनते हैं तेरी रहमत,
दिन रात बरसती है,
एक बूँद जो मिल जाए,
किस्मत ही बदलती है,
तो बोलो ना,
कभी तो ये बाबा,
साथी बन जाता है।

कभी तो ये बाबा,
साथी बन जाता है,
कभी तो ये बाबा,
माँझी बन जाता है,
उंगली पकड़ मेरी,
चलना सिखाता है,
कर्मों को काटकर ये,
भगवान बनाता है,
तो बोलो ना,
कभी तो ये बाबा,
साथी बन जाता है।



कभी तो ये बाबा साथी बन जाता है कभी तो ये बाबा मांझी बन जाता है ।। जैन भजन

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Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

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