छैल बिराणे लाख को हे अपणे काज न होइ लिरिक्स

छैल बिराणे लाख को हे अपणे काज न होइ लिरिक्स

 
छैल बिराणे लाख को हे अपणे काज न होइ लिरिक्स Chhail Birane Laakh Ko Lyrics

छैल बिराणे लाख को हे अपणे काज न होइ
छैल बिराणे लाख को हे अपणे काज न होइ।
ताके संग सीधारतां हे, भला न कहसी कोइ।
वर हीणों आपणों भलो हे, कोढी कुष्टि कोइ।
जाके संग सीधारतां है, भला कहै सब लोइ।
अबिनासी सूं बालवां हे, जिपसूं सांची प्रीत।
मीरा कूं प्रभु मिल्या हे, ऐहि भगति की रीत॥
 
Meera Bai Pad
थारी छूँ रमइया मोसूं नेह निभावौ
थारे कारण सब सुख छोड्या क्यों हमकौ तरसावौ
बिरह बिथा लागी उर अंतर सो तुम आय बुझावौ
अब छोड्या नहिं बनै प्रभु जी हँस कर निकल बुलावौ
मीराँ दासी जणम जणम री प्रीतराँ रंग लगावौ

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