कुण बांचे पाती, बिना प्रभु कुण बांचे पाती। कागद ले ऊधोजी आयो, कहां रह्या साथी।
meera Bai Bhajan Lyrics Hindi,Meera Bai Padawali Hindi Lyrics
आवत जावत पांव घिस्या रे (वाला) अंखिया भई राती॥ कागद ले राधा वांचण बैठी, (वाला) भर आई छाती। नैण नीरज में अम्ब बहे रे (बाला) गंगा बहि जाती॥ पाना ज्यूं पीली पड़ी रे (वाला) धान नहीं खाती। हरि बिन जिवणो यूं जलै रे (वाला) ज्यूं दीपक संग बाती॥ मने भरोसो रामको रे (वाला) डूब तिर्यो हाथी। दासि मीरा लाल गिरधर, सांकडारो साथी॥
कुबजानें जादु डारा। मोहे लीयो शाम हमारारे॥ कुबजा०॥ध्रु०॥ दिन नहीं चैन रैन नहीं निद्रा। तलपतरे जीव हमरारे॥ कुब०॥१॥ निरमल नीर जमुनाजीको छांड्यो। जाय पिवे जल खारारे॥ कु०॥२॥ इत गोकुल उत मथुरा नगरी। छोड्यायो पिहु प्यारा॥ कु०॥३॥ मोर मुगुट पितांबर शोभे। जीवन प्रान हमारा॥ कु०॥४॥ मीराके प्रभु गिरिधर नागर। बिरह समुदर सारा॥ कुबजानें जादू डारारे कुब०॥५॥