नाकोड़ा के भैरव नाथ रहते भक्तो के साथ भजन

नाकोड़ा के भैरव नाथ रहते भक्तो के साथ


नकोड़ा के भैरव नाथ,
रहते भक्तों के साथ,
जिसने प्रेम से,
लिया भैरव नाम रे,
उसके बन जाएँ,
हर काम रे,
नकोड़ा के भैरव नाथ।

सेवक पार्श्व प्रभु के प्यारे,
जैसे चाँद के संग में तारे,
रहते प्रभु की,
सेवा में आठों याम रे,
जिनका मेवा नगर,
में धाम रे,
नकोड़ा के भैरव नाथ।

जिनके मुख पे बरसे नूर,
बाबा कलयुग में मशहूर,
जिसने जीवन किया,
इनके नाम रे,
उसके बन जाएँ,
हर काम रे,
नकोड़ा के भैरव नाथ।

संघवी धेवर चंद बलिहारी,
आए भैरव शरण तुम्हारी,
पुत्र रंजीत,
भैरव तेरा दास रे,
देवेश दिलबर के बनाए,
हर काम रे,
उसके बन जाएँ,
हर काम रे,
नकोड़ा के भैरव नाथ।

नकोड़ा के भैरव नाथ,
रहते भक्तों के साथ,
जिसने प्रेम से,
लिया भैरव नाम रे,
उसके बन जाएँ,
हर काम रे,
नकोड़ा के भैरव नाथ।



Nakoda ke Bhairavnath, Rahate Bhakto ke Sath | नाकोड़ा के भैरवनाथ, रहते भक्तों के साथ

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Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

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