कन्या बनके मैया आई जईयो भजन
कन्या बनके मैया आई जईयो बुलावे जोगन तेरी भजन
(मुखड़ा)
कन्या बनके मैया आई जइयो,
बुलावे जोगन तेरी,
बुलावे जोगन तेरी,
माँ रखियो लाज तू मेरी।
कन्या बनके मैया आई जइयो,
बुलावे जोगन तेरी।।
(अंतरा)
लाल चुनर मैया ओढ़ के आना,
मन मोहनी रूप दिखाय जइयो।
बुलावे जोगन तेरी,
कन्या बनके मैया आई जइयो,
बुलावे जोगन तेरी।।
पहन के झुमके मैया घर मेरे आना,
बिंदीya की झलक दिखाय जइयो।
बुलावे जोगन तेरी,
कन्या बनके मैया आई जइयो,
बुलावे जोगन तेरी।।
पहन के पायल मैया घर मेरे आना,
मेरे अंगना में ठुमका लगाय जइयो।
बुलावे जोगन तेरी,
कन्या बनके मैया आई जइयो,
बुलावे जोगन तेरी।।
सिंह सवार मैया घर मेरे आना,
भक्तों को दर्शन कराय जइयो।
बुलावे जोगन तेरी,
कन्या बनके मैया आई जइयो,
बुलावे जोगन तेरी।।
सब देवी को मैया घर मेरे लाना,
मेरे सोए भाग जगाय जइयो।
बुलावे जोगन तेरी,
कन्या बनके मैया आई जइयो,
बुलावे जोगन तेरी।।
(पुनरावृति)
कन्या बनके मैया आई जइयो,
बुलावे जोगन तेरी,
बुलावे जोगन तेरी,
माँ रखियो लाज तू मेरी।
कन्या बनके मैया आई जइयो,
बुलावे जोगन तेरी।।
कन्या बनके मैया आई जइयो,
बुलावे जोगन तेरी,
बुलावे जोगन तेरी,
माँ रखियो लाज तू मेरी।
कन्या बनके मैया आई जइयो,
बुलावे जोगन तेरी।।
(अंतरा)
लाल चुनर मैया ओढ़ के आना,
मन मोहनी रूप दिखाय जइयो।
बुलावे जोगन तेरी,
कन्या बनके मैया आई जइयो,
बुलावे जोगन तेरी।।
पहन के झुमके मैया घर मेरे आना,
बिंदीya की झलक दिखाय जइयो।
बुलावे जोगन तेरी,
कन्या बनके मैया आई जइयो,
बुलावे जोगन तेरी।।
पहन के पायल मैया घर मेरे आना,
मेरे अंगना में ठुमका लगाय जइयो।
बुलावे जोगन तेरी,
कन्या बनके मैया आई जइयो,
बुलावे जोगन तेरी।।
सिंह सवार मैया घर मेरे आना,
भक्तों को दर्शन कराय जइयो।
बुलावे जोगन तेरी,
कन्या बनके मैया आई जइयो,
बुलावे जोगन तेरी।।
सब देवी को मैया घर मेरे लाना,
मेरे सोए भाग जगाय जइयो।
बुलावे जोगन तेरी,
कन्या बनके मैया आई जइयो,
बुलावे जोगन तेरी।।
(पुनरावृति)
कन्या बनके मैया आई जइयो,
बुलावे जोगन तेरी,
बुलावे जोगन तेरी,
माँ रखियो लाज तू मेरी।
कन्या बनके मैया आई जइयो,
बुलावे जोगन तेरी।।
Koi Kahe Jagdambe Koi Kahe Jwala Kanya Banke Maiya Aa Jaiyo Bulave Jogan Teri
माँ की भक्ति में डूबा यह भजन जोगन के प्रेम और पुकार का सुंदर चित्रण है, जो कन्या रूप में माँ को अपने घर बुलाता है। लाल चुनर, झुमके, बिंदी, और पायल में सजी माँ की मनमोहनी छवि भक्त के मन को आल्हादित करती है। उनके अंगना में ठुमका और सिंह पर सवार होकर दर्शन देने की प्रार्थना माँ की कृपा की आस जगाती है। जैसे जोगन माँ से अपनी लाज रखने और सोए भाग जगाने की विनती करती है, वैसे ही यह भक्ति का भाव सिखाता है कि माँ की शरण में सच्चा विश्वास हर मनोकामना पूर्ण करता है। सभी देवियों को साथ लाकर माँ भक्त के घर को कृपा से भर देती हैं। यह भजन मन को माँ के प्रेम में डुबो देता है, और उनकी ममता में लीन होने का आनंद देता है।
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