बक्श दो गरीब जान के

बक्श दो गरीब जान के

बक्शो बक्शो मुझे मेहंदीपुर वाले
बक्शदो गरीब जान के,
बक्शदो गरीब जान के,
इक तेरा ही मुझको सहारा,
बक्श दो गरीब जान के।

चरणों में अपने दे दो ठिकाना,
दिल का दर्द है तुम को सुनाना,
अब तुम ही हो मेरे रखवाले,
बक्श दो गरीब जान के।

उजड़ा चमन मेरा फिर से खिला दो,
बुझ गई आशा की ज्योत जगा दो,
उपकार करो मेहंदीपुर वाले,
बक्श दो गरीब जान के।

बलिहारी जाऊ मेरे हनुमत प्यारे,
तन मन सब अब तेरे हवाले,
भव सागर से पार लगादे,
बक्श दो गरीब जान के।

रणजीत राजा बाबा है तेरा दीवाना,
इक मन चित हो तुझको माना,
मेरे जीवन में करदे सवेरा,
बक्श दो गरीब जान के।

बक्शो बक्शो मुझे मेहंदीपुर वाले
बक्शदो गरीब जान के,
बक्शदो गरीब जान के,
इक तेरा ही मुझको सहारा,
बक्श दो गरीब जान के।
 

Next Post Previous Post