हे गौरा माँ पार्वती तेरा दूल्हा कैसा आया है भजन

हे गौरा माँ पार्वती तेरा दूल्हा कैसा आया है भजन

हे गौरा माँ पार्वती,
तेरा दूल्हा कैसा आया है,
हे गौरा माँ पार्वती,
तेरा दूल्हा कैसा आया है,
दूल्हा कैसे आया है,
तेरा दूल्हा कैसे आया है,
हे गौरा माँ पार्वती।

सबके दूल्हे आते हैं,
घोड़ी चढ़ के आते हैं,
तेरा दूल्हा बैल पे चढ़ के आया है,
तेरा दूल्हा बैल पे चढ़ के आया है,
हे गौरा माँ पार्वती,
तेरा दूल्हा कैसे आया है।

सबके दूल्हे आते हैं,
वो बैंड बजा लाते हैं,
तेरा दूल्हा पार्वती,
डमरू बजता आया है,
डमरू बजता आया है
हे गौरा माँ पार्वती,
तेरा दूल्हा कैसे आया है।

सबके दूल्हे आते हैं,
वो टीए पह्न कर आते हैं,
तेरा दूल्हा पार्वती,
भस्म लपेटे आया है,
भस्म लपेटे आया है,
हे गोरा माँ पार्वती,
तेरा दूल्हा कैसे आया है।

सबके दूल्हे आते हैं,
सूट बूट में आते हैं,
तेरा दूल्हा पार्वती,
वाघंबर में आया है,
वाघंबर में आया है,
हे गोरा माँ पार्वती,
तेरा दूल्हा कैसे आया है।

सबके दूल्हा आते हैं,
वो कोका कोला पीते हैं,
तेरा दूल्हा पार्वती,
भांग चढ़ा के आया है,
भांग चढ़ा के आया है,
हे गोरा माँ पार्वती,
तेरा दूल्हा कैसे आया है।

सबके दूल्हे आते हैं,
वो चाट पकोड़ी खातेहैं,
तेरा दूल्हा पार्वती,
भांग धतूरा खाते हैं,
भांग धतूरा खाते हैं,
हे गोरा माँ पार्वती,
तेरा दूल्हा कैसे आया है।

सबके दूल्हे आते है,
गीत गुंन गुनाते हैं,
तेरा दूल्हा पार्वती
बम बम करता आया है,
बम बम करता आया है,
हे गोरा माँ पार्वती,
तेरा दूल्हा कैसे आया है।

सबके दूल्हे आते है,
वो हीरे मोती लाते है,
तेरा दूल्हा पार्वती
नाग पिनाकी लाया है
नाग पिनाकी लाया है
हे गोरा माँ पार्वती,
तेरा दूल्हा कैसे आया है। 

GORA KA DULHA # शिव भोले की अनोखी बारात का भजन # Sunita B , Mr. Remo , Raja Rajasthani # सावन 2017

Song - GORA KA DULHA
Singer - Sunita B Ganganagar - 9983197011
Artist - Sunita B Ganganagar
Writer - Raja Rajasthani 
Music - Mr. Remo 9214336740 

दूल्हा ऐसा आया जो दुनिया के तौर-तरीकों से अलग, बैल पर सवार होकर डमरू की धुन बजाता चला आया। भस्म लिपटे, बाघम्बर लहराते, भांग चढ़ाए बम बम गाता हुआ, ये नजारा मन मोह लेता है। सबके दूल्हे घोड़ी चढ़कर बैंड की धुन पर आते, सूट-बूट सजाकर कोका-कोला पीते, चाट-पकौड़ी खाते गीत गुनगुनाते, लेकिन ये दूल्हा तो भांग-धतूरा ग्रहण कर नाग-पिनाक लाया। हँसी आती है इस भेद पर, फिर भी प्रेम इतना गहरा कि गौरा माँ का दिल जीत लिया। जैसे कोई सच्चा साथी सादगी से घर सजाता है, वैसे ही ये वैराग्य भरा स्वरूप हर दिल को छू जाता।

ये आगमन सिखाता कि सच्चा वैभव दिखावे में नहीं, त्याग और भक्ति में बसता है। हीरे-मोती न लाकर धनुष-नाग लाना, ये तो अनमोल उपहार है जो जीवन को नई दिशा देता। गौरा माँ पार्वती जी के संग ये प्रेम कथा हर कष्ट मिटा देती, आनंद की लहर दौड़ा देती। मन में उत्साह भर आता, जैसे कुम्भ के मेले में भक्त नाच उठते। आप सभी पर इश्वर की कृपा बनी रहे। जय माँ पार्वती जी की। जय भोलेनाथ जी की। 

Related Post

Next Post Previous Post