ज़िंदगी शिव के रंग में है रंग गई भजन

ज़िंदगी शिव के रंग में है रंग गई भजन

 
ज़िंदगी शिव के रंग में है रंग गई लिरिक्स Jindagi Shiv Ke Rang Lyrics, Jindagi Shiv Ke Rang Me Rang Gayi

मैं तो खेलु रे शिव संग होली,
संग में है फ़रिश्तो की टोली,
ज़िंदगी शिव के रंग में है रंग गई।

शिव तेरा रूप निराला है,
अतमा को पिया तू पालो है,
ऐसा रुहानो रंग तू डालो है,
जो हो गया मन मतवालों है,
जब चलाये ज्ञान पिचकारी,
होली मल ती आत्माये सारी,
तेरे प्यार के रंग में है रंग गई,
जिंदगी शिव के रंग में है रंग गई।

चाहु और ही तो अन्धयारा है,
बस मधुवन में उजियारा है,
शिव बाबा जो प्यारा प्यारा है,
मस्त रास का नजारा है,
सब छोड़ मैं उसकी होली,
उस के ज्ञान के रंगो में है रंग गई,
जिंदगी शिव के रंग में है रंग गई।

खुशिया खुशियां है ना कोई गम,
जब से मिला मुझे शिव साजन,
नाचे मयूर बन मोरा मन,
अब गाता हर पल मेरा मन,
दुःख की गड़ियां पूरी हो ली,
अब आनंद के रंग में मैं रंग गई,
जिंदगी शिव के रंग में है रंग गई।

मैं तो खेलु रे शिव संग होली,
संग में है फ़रिश्तो की टोली,
ज़िंदगी शिव के रंग में है रंग गई।


Jindagi Shiv Ke Rang Mein Hi Rang gai 
 
यह भजन भगवान शिव की महिमा का वर्णन करता है। भक्त शिव के साथ होली खेलने की इच्छा व्यक्त करता है। वह कहता है कि शिव का रूप निराला है और वह आत्मा को पवित्र करते हैं। शिव का ज्ञान एक ऐसा रंग है जो मन को मतवाला बना देता है। भक्त कहता है कि जब शिव ज्ञान की पिचकारी चलाते हैं, तो आत्माएं होली खेलती हैं।

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