जगत झूठी देखि प्रीत आपन ही सुख सेहो भजन

जगत झूठी देखि प्रीत आपन ही सुख सेहो गुरुबाणी

 
जगत झूठी देखि प्रीत लिरिक्स Jagat Ki Jhoothi Dekhi Preet Lyrics गुरुबाणी लिरिक्स हिंदी

जगत झूठी देखी प्रीत,
आपन ही सुख सेहो सब लागे के दरस मिलन,
जगत झूठी देखी प्रीत,
मेरो मेरो सबै केहि हित्त स्यो बांधियो चीत
अंत काय संगी नेह कोउ एह अचरज है रीत
जगत झूठी देखी प्रीत,

मन मूरख अजहुँ नेह समझत सिख ते हरियो नीत
नानक भवजल पारा परै जो गावे प्रभ के गीत
जगत झूठी देखी प्रीत,
आपन ही सुख सेहो सब लागे क्या डारा क्या मीत
जगत झूठी देखी प्रीत, 

Jagat mein jhoothi dekhi preet
Apne Hee Sukh Seyo Sab Lage Kya Dara Kya Meet

Mero Mero Sabhae Kehet Hai Hitt Seyo Bandheo Cheet
Antkaal Sangi Neh Kou Eh Achraj Hai Reet
Jagat Mein Jhoothi Dekhi Preet

Mann Moorakh Ajhun Neh Samjhat Sikh Dae Haariyo Neet
Nanak Bhaujal Paar Parae Jo Gavae Prabh Ke Geet
Jagat Mein Jhoothi Dekhi Preet
Apne Hee Sukh Seyo Sab Lage Kya Dara Kya Meet



JAGAT MEIN JHOOTHI DEKHI PREET BY BHAI HARJINDER SINGH JI SR

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जगत की प्रीत झूठी लगने लगती जब अपना सुख ही सब कुछ मान लो। साधक देखता है कि मेरो-मेरो कहकर चित्त बँध जाता, अंत समय कोई साथी न निभाए। ये रीत अचरज पैदा करती, मन मूरख अभी भी नेह समझता, हरि की नीत न सीख पाता। भवजल पार उतरे वो ही जो प्रभु के गीत गावे। दुनिया में डर-मीत सब अपना सुख साधन लगे। हमें दिखाते हैं कि इश्वर का आशीर्वाद सच्चे गान से ही मिलता। झूठी प्रीत से ऊपर उठना पड़ता।
Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

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