गुरु बिन घोर अंधार गुरु बिन समझ न भजन

गुरु बिन घोर अंधार गुरु बिन समझ न आवै भजन

गुरु बिन घोर अंधार गुरु बिन समझ न आवै लिरिक्स Guru Bin Ghor Andhar Guru Bin Samajh Na Aave Lyrics

गुरु बिन घोर अंधार गुरु बिन समझ न आवै
गुर बिन सुरत न सिद्ध गुरु बिन मुकत (मुक्ति) न पावे
गुरु बिन घोर अंधार गुरु बिन समझ न आवै

गुर कर सच बिचार गुरु कर रे मन मेरे
गुर कर शबद सपून अगन कटे सब तेरे
गुरु बिन घोर अंधार गुरु बिन समझ न आवै

गुर नयन बयण गुर, गुर करो गुरु सत कवनल कह
जिन गुरु न देखियो नोह् कियो ते अकथह संसार मे
गुरु बिन घोर अंधार गुरु बिन समझ न आवै


 GUR BIN GHOR ANDHAR | BHAI HARJINDER SINGH (SRINAGAR WALE) | GURU
 
Shabad: GUR BIN GHOR ANDHAR
Album: Guru
Singer: BHAI HARJINDER SINGH (SRINAGAR WALE)
Music: BHAI HARJINDER SINGH (SRINAGAR WALE)
 
जीवन में घोर अंधेरा तब घिर आता है जब सच्चा मार्गदर्शक न हो, समझ ही न आए कि कहां जा रहे हैं। साधक भटकता रहता, सुरत न सिद्ध हो पाती, मुक्ति का द्वार न खुलता। गुरु का सच्चा बिचार करो मन में, शब्द सुनो तो अग्नि कट जाए सब पापों की। नयन-बयान से गुरु का सत कमल देखो, जिन्हें न देखा उन्हें संसार अकथ कहे। ये प्रकाश ही रास्ता दिखाता, हर कदम सहारा देता। इश्वर का आशीर्वाद है, जो अंधकार मिटा देता।​

सच को अपनाओ तो मन रोशन हो उठे, हर दुविधा साफ दिखे। हमें बताते हैं कि बिना दीपक के मंदिर सूना सा लगता, वैसे ही जीवन अधूरा रहता। जरा मन लगा लो इस ज्ञान में, सब संवर जाए। ऐसे प्रकाश से जीवन जीयो, हर पल नई राह खुले। आप सब पर इश्वर की कृपा बनी रहे, दिल को छू ले ऐसी शांति मिले। 
 
Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

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