ओ कान्हा रे मेरी अंगुली पकड़ ले रे

ओ कान्हा रे मेरी अंगुली पकड़ ले रे

ओ कान्हा रे ओ कान्हा रे
मेरी अंगुली पकड़ ले रे
ओ कान्हा मुझे डर बड़ा लगता
बाँहों में जकड ले रे
ओ कान्हा मुझे डर बड़ा लगता
दुःख हरता सदा दया करता सदा
तूने थामी जो कलाई
संग चलता सदा
कस्तूरी सा साथी मेरा
दुखड़े तू हरले रे
ओ कान्हा कोई और नहीं हरता
बाजुओं में भर ले रे
कान्हा कोई और नहीं भरता
तेरे सिवा दूजा कोई नहीं अपना
चरणों में बाबा तू लगाए रखना
हालत दिल की तू ही पहचाने
कैसे तुझे में बताऊ सब तू जाने
दुःख हरता सदा दया करता सदा
तूने थामी जो कलाई
संग चलता सदा
कस्तूरी सा साथी मेरा
दुखड़े तू हरले रे
ओ कान्हा कोई और नहीं हरता

आपको ये पोस्ट पसंद आ सकती हैं
Next Post Previous Post