काची छे काया थारी झुठड़ी (कोठड़ी) छे माया राम झुठड़ा सा लेख लिखाया राम राम राम काची हो कौन घड़ेली थारी काया हो जी जी जी
घट मां ही गंगा राम घट मां ही जमुना राम
घट मां ही तीरथ न्हाया राम राम राम काची छे काया थारी झुठड़ी छे माया राम झुठड़ा सा लेख लिखाया राम राम राम काची हो कौन घड़ेली थारी काया हो जी जी जी
घट मां ही ताला राम घट मां ही कुंजी राम घट मां ही खोलनहारा राम राम राम काची छे काया थारी झुठड़ी छे माया राम
Kabir Bhajan Lyrics in Hindi
झुठड़ा सा लेख लिखाया राम राम राम काची छे काया थारी झुठड़ी (कोठड़ी) छे माया राम
घट मां ही अम्बा राम घट मां ही अम्बी राम घट मां ही चाखनहारा राम राम राम काची छे काया थारी झुठड़ी छे माया राम झुठड़ा सा लेख लिखाया, राम राम राम काची छे काया थारी झुठड़ी (कोठड़ी) छे माया राम
मछिंदर प्रताप जती गोरख बोले रे समझ्या सो ही नर पाया राम राम राम काची छे काया थारी झुठड़ी छे माया राम झुठड़ा सा लेख लिखाया राम राम राम काची छे काया थारी झुठड़ी (कोठड़ी) छे माया राम
काची छे काया थारी झुठड़ी (कोठड़ी) छे माया राम झुठड़ा सा लेख लिखाया राम राम राम काची हो कौन घड़ेली थारी काया हो जी जी जी