आना भी अकेला है जाना भी अकेला है भजन
आना भी अकेला है जाना भी अकेला है भजन
मोह में फंसा है प्राणी,
चार दिन का मेला है,
आना भी अकेला है,
जाना भी अकेला है।
कोड़ी कोड़ी माया जोड़ी,
इसका क्या ठिकाना है,
माटी का शरीर तेरा,
माटी हो जाना है,
मोह में फंसा है प्राणी,
चार दिन का मेला है,
आना भी अकेला है,
जाना भी अकेला है।
जितना भी कमाया तूने,
यही रह जाएगा,
गाड़ी धन दौलत तेरे,
साथ नहीं जाएगा,
मोह में फंसा है प्राणी,
चार दिन का मेला है,
आना भी अकेला है,
जाना भी अकेला है।
मोह में फंसा है प्राणी,
चार दिन का मेला है,
आना भी अकेला है,
जाना भी अकेला है।
चार दिन का मेला है,
आना भी अकेला है,
जाना भी अकेला है।
कोड़ी कोड़ी माया जोड़ी,
इसका क्या ठिकाना है,
माटी का शरीर तेरा,
माटी हो जाना है,
मोह में फंसा है प्राणी,
चार दिन का मेला है,
आना भी अकेला है,
जाना भी अकेला है।
जितना भी कमाया तूने,
यही रह जाएगा,
गाड़ी धन दौलत तेरे,
साथ नहीं जाएगा,
मोह में फंसा है प्राणी,
चार दिन का मेला है,
आना भी अकेला है,
जाना भी अकेला है।
मोह में फंसा है प्राणी,
चार दिन का मेला है,
आना भी अकेला है,
जाना भी अकेला है।
आना भी अकेला हैं जाना भी अकेला है || Shri Ankush Ji Maharaj|| Aana Bhi Akela h Jana Bhi Akela h||
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आना भी अकेला हैं जाना भी अकेला है ||
Shri Ankush Ji Maharaj||
Shri Ankush Ji Maharaj||
जीवन की ये छोटी-सी यात्रा है, जैसे कोई मेला लगता है चार दिन के लिए। लोग आते हैं, हँसते-खेलते हैं, चीजें इकट्ठी करते हैं, रिश्ते बनाते हैं, लेकिन जब मेला खत्म होता है तो सब कुछ पीछे छूट जाता है। पैदा होने पर हाथ खाली आते हैं, और जाते वक्त भी वही हाल रहता है। शरीर मिट्टी से बना है, मिट्टी में ही मिल जाना है। धन-दौलत, गाड़ी-बंगला, सब यहीं रह जाता है। मोह में पड़कर हम इन चीजों को अपना समझ बैठते हैं, लेकिन सच तो ये है कि ये सब क्षणभंगुर है, जैसे रेत की दीवारें जो पानी के छींटे से ढह जाती हैं।
इसलिए दिल को हल्का रखना चाहिए। जो मिला है उसे अच्छे कामों में लगाओ, प्रेम बाँटो, मदद करो, क्योंकि असली साथ बस अच्छे कर्मों का है जो आगे चलकर काम आता है। मोह की जंजीरों से दूर रहकर जीना है, ताकि आने-जाने का सफर बिना बोझ के हो। जैसे कोई बुद्धिमान यात्री कहता है, "जो साथ नहीं जा सकता, उसका इतना लालच क्यों?" ये सोच हमें मुक्त करती है, जीवन को सच्चा और सुंदर बनाती है।
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Author - Saroj Jangir
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