दरबार अनोखा सरकार अनोखी भजन

दरबार अनोखा सरकार अनोखी भजन

 
दरबार अनोखा सरकार अनोखी Darbar Anokha Sarkar Anokhi Lyrics

शरण में आ गया जो भी,
निभाना ही पड़ा इसको,
उसे दरबार के काबिल,
बनाना ही पड़ा इसको,
फैसला दरबार का सांवले सरकार का,
मंजूर है मंजूर है, मंजूर है, मंजूर है,
हमने देखी तेरी अदालत,
चलती नहीं किसी की वकालत,
हमने देखी तेरी अदालत,
चलती नहीं किसी की वकालत,
ये है दर इन्साफ का,
दरबार अनोखा, सरकार अनोखी
खाटू वाले की, हर बात अनोखी

जब से हमने तुमको माना,
तेरी शक्ति को पहचाना

जब से हमने तुमको माना,
तेरी शक्ति को पहचाना
तू है मसीहा आज,
दरबार अनोखा, सरकार अनोखी
खाटू वाले की, हर बात अनोखी

तेरी मर्जी मेरी मर्जी हमको,
परवाह नहीं किसी की,

तेरी मर्जी मेरी मर्जी हमको,
परवाह नहीं किसी की,
ये है रिश्ता प्यार का,
दरबार अनोखा, सरकार अनोखी
खाटू वाले की, हर बात अनोखी

हमको तेरी शरण रहना है
‘बनवारी’ फिर क्या डरना है

हमको तेरी शरण रहना है
‘बनवारी’ फिर क्या डरना है
मैं हूँ सेवक, आपका,
दरबार अनोखा, सरकार अनोखी
खाटू वाले की, हर बात अनोखी
 

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