खाटू को के मजो है मेले को के मजो है भजन
खाटू को के मजो है, मेले को के मजो है,
लाइन से जाके देखो, दर्शन के को मजो है,
खाटू को के मजो है, मेले को के मजो है
जितना भी धक्का लागे उतना ही दुखड़ा भागे,
कंकर चुभे या कांटे, चले श्याम सागे सागे,
यमघट में जाके देखो, कजना को के मजो है,
खाटू को के मजो है मेले को के मजो है
भगतो के संग जो गावे म्हारे श्याम ने रिझावे,
म्हारो सेठ होवे राजी मन चाहा फिर वो पावे,
चंग के धमाल के संग नाचन को के मजो है,
खाटू को के मजो है मेले को के मजो है
चढ़ जा तू तेरे पेड्या बाबा ने याद कर के,
मुखडो दिखेगो प्यारो तू देख ले जी भर के,
नैना मिला के देखो, मिलबा के को मजो है,
खाटू को के मजो है मेले को के मजो है
लाइन से जो भी जागे पहला वही तो पावे,
कब श्याम बोले अंजलि जी भर के मौज उड़ा वे,
बाबा को यो खजानो लूटन को मजो है,
खाटू को के मजो है मेले को के मजो है
लाइन से जाके देखो, दर्शन के को मजो है,
खाटू को के मजो है, मेले को के मजो है
जितना भी धक्का लागे उतना ही दुखड़ा भागे,
कंकर चुभे या कांटे, चले श्याम सागे सागे,
यमघट में जाके देखो, कजना को के मजो है,
खाटू को के मजो है मेले को के मजो है
भगतो के संग जो गावे म्हारे श्याम ने रिझावे,
म्हारो सेठ होवे राजी मन चाहा फिर वो पावे,
चंग के धमाल के संग नाचन को के मजो है,
खाटू को के मजो है मेले को के मजो है
चढ़ जा तू तेरे पेड्या बाबा ने याद कर के,
मुखडो दिखेगो प्यारो तू देख ले जी भर के,
नैना मिला के देखो, मिलबा के को मजो है,
खाटू को के मजो है मेले को के मजो है
लाइन से जो भी जागे पहला वही तो पावे,
कब श्याम बोले अंजलि जी भर के मौज उड़ा वे,
बाबा को यो खजानो लूटन को मजो है,
खाटू को के मजो है मेले को के मजो है
खाटू जाने वाले इस भजन पे अमल करे बाबा निहाल कर देंगे || KHATU KO KE MAJO HAI || ANJALI DWIVEDI
Singer : Anjali Dwivedi
Lyricist : Shyam Agarwal
Music : Lovely Sharma
Video : AP FLIMS & Studio
Creatives : Narayani Creations
Copyright : Shree Cassette Industries
Lyricist : Shyam Agarwal
Music : Lovely Sharma
Video : AP FLIMS & Studio
Creatives : Narayani Creations
Copyright : Shree Cassette Industries
खाटू की वो धरती जब छूती है, तो जैसे सारे दुख हल्के हो जाते हैं। मेले में जो भीड़ लगती है, वो धक्के-मुक्की भी मीठी लगने लगती है—क्योंकि जितना धक्का लगता है, उतना ही मन का बोझ उतरता है। कंकड़ चुभे या काँटे लगें, पर श्याम जी साथ-साथ चलते हैं, हर कदम पर साथ देते हैं। यमघाट की वो लाइन में खड़े होकर देखो, तो पता चलता है कि असली मजा तो वहीं है—जहाँ इंतजार में भी दिल भरा रहता है, और दर्शन की वो पहली झलक मिलने पर सारी थकान गायब हो जाती है।
फिर भक्तों के साथ जब श्याम जी का नाम गूँजता है, चंग बजता है, धमाल मचता है, तो सेठ राजी हो जाते हैं, मन की हर इच्छा पूरी कर देते हैं। पेड़ियों पर चढ़कर बाबा को याद करो, मुखड़ा दिखेगा इतना प्यारा कि आँखें भर आएँगी। नैना मिलाकर देखो, वो मिलन का मजा क्या कहने—जैसे सारी दुनिया रुक गई हो। जो लाइन में जागरूक रहता है, वो पहले दर्शन पाता है, और श्याम जी अंजलि भरकर मौज उड़ा देते हैं। बाबा का खजाना लूटने का वो मजा अलग ही है—जो बार-बार खाटू बुलाता है, मेले की याद दिलाता है। आप सभी पर ईश्वर की कृपा बनी रहे। जय श्री श्याम जी की।
