त्रिलोकपुर भवन बनाया तेरी जय हो भजन
त्रिलोकपुर भवन बनाया तेरी जय हो बाला सुन्दरी माँ भजन
त्रिलोकपुर भवन बनाया,
तेरी जय हो बाला सुंदरी माँ,
तेरी जय हो बाला सुंदरी माँ,
तेरी जय हो बाला सुंदरी माँ,
त्रिलोकपुर भवन बनाया,
तेरी जय हो बाला सुंदरी माँ।।
(अंतरा)
जो तेरी ज्योत जगाए,
चरणों में शीश झुकाए,
मुँह माँगा फल वो पाए,
तूने बिगड़ा भाग्य बनाया माँ,
त्रिलोकपुर भवन बनाया,
तेरी जय हो बाला सुंदरी माँ।।
लगे तेरे भवन पे मेले,
नाचे भक्त तेरे अलबेले,
लग रहे तेरे जयकारे,
दुनिया दर्शन को आई माँ,
त्रिलोकपुर भवन बनाया,
तेरी जय हो बाला सुंदरी माँ।।
भक्तों के दुखड़े हरती,
सबके भंडारे भरती,
तू सबकी रक्षा करती,
जो तेरी शरण में आया माँ,
त्रिलोकपुर भवन बनाया,
तेरी जय हो बाला सुंदरी माँ।।
करूँ पुष्प तुझे मैं अर्पित,
मेरा जीवन तुझ पर समर्पित,
'सिंगला' है तेरा बालक,
ये भी दर्शन को आया माँ,
त्रिलोकपुर भवन बनाया,
तेरी जय हो बाला सुंदरी माँ।।
(पुनरावृत्ति)
त्रिलोकपुर भवन बनाया,
तेरी जय हो बाला सुंदरी माँ,
तेरी जय हो बाला सुंदरी माँ,
तेरी जय हो बाला सुंदरी माँ,
त्रिलोकपुर भवन बनाया,
तेरी जय हो बाला सुंदरी माँ।।
Trilokpur Bhawan Banaya ।। त्रिलोकपुर भवन बनाया ।। Mata Bala Sundri JI Bhajan ।। Dinesh Singla
Album :- Trilokpur Bhawan Banaya
Song :- Trilokpur Bhawan Banaya Teri Jai Ho Bala Sundri Maa
Singer :- Dinesh Singla Panipat
त्रिलोकपुर में बाला सुंदरी मां का भवन चमकता है, भक्तों के दुख हर लेने को बेताब। ज्योत जलाने वालों को चरणों में जगह मिलती, मुंह मांगा फल पाकर भाग्य संवर जाता। मेले लगते भवन पर, अलबेले नाचते जयकारे लगाते, दुनिया दर्शन को उमड़ पड़ती। दुखड़े सुन हर भंडारा भर देतीं, शरणागत की रक्षा हर पल करतीं। इश्वर का आशीर्वाद है, जो हर कमी दूर कर देता।
पुष्प अर्पित कर जीवन समर्पित हो जाए, सिंगला सा बालक भी दर्शन पा ले। भक्ति की लहर में सब डूब जाएं, हर कदम पर साथ निभाएं। हमें दिखाती हैं कि सच्चा सहारा तो पुकार सुनकर आता, मन को घर जैसा सुकून देता। जरा नाम जप लो दिल से, सारी चिंता मिट जाए। आप सब पर इश्वर की कृपा बनी रहे, दिल को छू ले ऐसी शांति मिले। जय बाला सुंदरी मां जी की!
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