लगा के आस लगाए बैठा हूँ एक जमाने से भजन

लगा के आस लगाए बैठा हूँ एक जमाने से भजन


लगा के आस लगाए बैठा हूँ,
एक जमाने से,
मिलोगे कब मेरे भगवान,
किस बहाने से।

कभी पत्थर की अहल्या को आप तारें हो,
कभी भिलणी के झूठे बेर भी स्वीकारें हो,
मिले हनुमान को तुम रामनाम सुनाने से,
मिलोगे कब मेरे भगवान,
किस बहाने से।

कभी तुलसी के आप राम जी कहलाए हो,
कभी मीरा के लिए विष को भी पचाए हो,
मिले रसखान को ब्रज धूल लगाने से,
मिलोगे कब मेरे भगवान,
किस बहाने से।

कभी ग्वालों के आप सखा जी कहलाए हो,
कभी मैया के, कभी बाबा के मन भाए हो,
मिले ब्रजवासियों को गोवर्धन उठाने से,
मिलोगे कब मेरे भगवान,
किस बहाने से।

कभी मैंने सुना दुखियों का दुख मिटा के मिले,
कभी तो ये सुना रूठों को तुम मनाकर मिले,
मिलो इस दास को भी चरणों में बिठाने से,
मिलोगे कब मेरे भगवान,
किस बहाने से।

लगा के आस लगाए बैठा हूँ,
एक जमाने से,
मिलोगे कब मेरे भगवान,
किस बहाने से।



लगाके आस मैं बैठा हूँ एक जमाने से | Prakash Gandhi | New Ram Bhajan 2026 | PMC Sant Sandesh | राम

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⇨Song : Lagake Aas Mai Baitha Hoon Ek Jamane Se
⇨Singer : Prakash Gandhi
⇨Lyrics : Prakash Gandhi
⇨Music : Gandhi Brothers (Prakash-Subhash Gandhi)
⇨Composer :- Subhash Gandhi
⇨Mix-Mastering :- GBR Studio (+91-9672222053)
⇨Music Label : Power Music Company 
⇨Category : Devotional
⇨Sub Category : Ram Bhajan
 
Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

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