खिलौना माटी का तुने अजब रचा भगवान
तुने अजब रचा भगवान खिलौना माटी का,
तुने अजब रचा भगवान खिलौना माटी का,
खिलौना माटी का रे माटी का,
खिलौना माटी का रे माटी का,
तुने अजब रचा भगवान खिलौना माटी का,
कान दिए हरी भजन सुनन को,
कान दिए हरी भजन सुनन को,
कान दिए हरी भजन सुनन को,
तू मुख से कर गुणगान, खिलौना माटी का,
तुने अजब रचा भगवान खिलौना माटी का,
जिव्हा दी हरी भजन करन को,
जिव्हा दी हरी भजन करन को,
जिव्हा दी हरी भजन करन को,
दी आँखें कर पहचान,
तू मुख से कर गुणगान, खिलौना माटी का,
तुने अजब रचा भगवान खिलौना माटी का,
शीश दिया गुरु चरण झुकन को,
शीश दिया गुरु चरण झुकन को,
शीश दिया गुरु चरण झुकन को,
और हाथ दिए कर दान,
तू मुख से कर गुणगान, खिलौना माटी का,
तुने अजब रचा भगवान खिलौना माटी का,
सत्य नाम का बना का बेड़ा,
सत्य नाम का बना का बेड़ा,
सत्य नाम का बना का बेड़ा,
और उतरे भाव से पार,
तू मुख से कर गुणगान, खिलौना माटी का,
तुने अजब रचा भगवान खिलौना माटी का,
नए साल 2020 का पहला रविवार ठाकुर जी के नाम # तूने अजब रचा करतार खिलौना माटी का @ ISHA PANCHAL
Tune Ajab Racha Bhagavaan Khilauna Maati Ka,
Tune Ajab Racha Bhagavaan Khilauna Maati Ka,
Khilauna Maati Ka Re Maati Ka,
Khilauna Maati Ka Re Maati Ka,
Tune Ajab Racha Bhagavaan Khilauna Maati Ka,
Music: DR. ASHOK VERMA
Category:
Produced By: Vicky Narang
Music Label: Supertone Digital
भक्त भगवान को एक ऐसे व्यक्ति के रूप में चित्रित करता है जिसने एक माटी का खिलौना बनाया है। यह खिलौना मनुष्य है, जो एक अस्थायी और नाशवान प्राणी है। भक्त यह भी कहता है कि भगवान ने मनुष्य को कई तरह की क्षमताएं दी हैं, जैसे कि कान सुनने के लिए, जीभ बोलने के लिए, आंखें देखने के लिए, सिर झुकाने के लिए, और हाथ दान करने के लिए। भक्त इन क्षमताओं का उपयोग ईश्वर की भक्ति और सेवा के लिए करने का आह्वान करता है। वह कहता है कि मनुष्य को ईश्वर के गुणों का गुणगान करना चाहिए, गुरु के चरणों में सिर झुकाना चाहिए, और जरूरतमंदों को दान देना चाहिए। भजन का अंतिम छंद कहता है कि ईश्वर का नाम एक ऐसा बेड़ा है जो मनुष्य को इस संसार के दुखों से पार ले जा सकता है। भक्त का मानना है कि जो लोग ईश्वर के नाम का जप करते हैं, वे अंततः मोक्ष प्राप्त कर लेंगे।
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