सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा देशभक्ति सोंग

सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा देशभक्ति सोंग

 
सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा लिरिक्स Sare Jaha Se Accha Hindusta Hamara Lyrics

सारे जहाँ से अच्छा, हिन्दोस्तां हमारा,
हम बुलबुले हैं इसकी, वो गुलसितां हमारा

गुरबत में हों अगर हम, रहता है दिल वतन में
समझो वहीं हमें भी, दिल हो जहाँ हमारा,
सारे जहाँ से अच्छा, हिन्दोस्तां हमारा,

पर्वत हो सबसे ऊँचा, हमसाया आसमाँ का
वो संतरी हमारा, वो पासवां हमारा,
सारे जहाँ से अच्छा, हिन्दोस्तां हमारा,

गोदी में खेलती हैं, जिसकी हज़ारों नदियां
गुलशन है जिसके दम से, रश्क-ए-जिनां हमारा
सारे जहाँ से अच्छा, हिन्दोस्तां हमारा,

ऐ आब-ए-रौंद-ए-गंगा! वो दिन है याद तुझको
उतरा तेरे किनारे, जब कारवां हमारा,
सारे जहाँ से अच्छा, हिन्दोस्तां हमारा,

मजहब नहीं सिखाता, आपस में बैर रखना
हिन्दी हैं हम वतन हैं, हिन्दोस्तां हमारा,
सारे जहाँ से अच्छा, हिन्दोस्तां हमारा,

यूनान, मिस्र, रोमां, सब मिट गए जहाँ से
अब तक मगर है बाकी, नाम-ओ-निशां हमारा,
सारे जहाँ से अच्छा, हिन्दोस्तां हमारा,

कुछ बात है की हस्ती, मिटती नहीं हमारी
सदियों रहा है दुश्मन, दौर-ए-जहाँ हमारा,
सारे जहाँ से अच्छा, हिन्दोस्तां हमारा,

'इक़बाल' कोई मरहूम, अपना नहीं जहाँ में
मालूम क्या किसी को, दर्द-ए-निहां हमारा,
सारे जहाँ से अच्छा, हिन्दोस्तां हमारा, 


रोंगटे खड़े कर देगा ये देश भक्त्ति गीत - Desh Bhakti Geet 2020 - 26 January Song 2020 - Republic Day
 
ਸਾਰੇ ਜਹਾਁ ਸੇ ਅਚ੍ਛਾ, ਹਿਨ੍ਦੋਸ੍ਤਾਂ ਹਮਾਰਾ
ਹਮ ਬੁਲਬੁਲੇ ਹੈਂ ਇਸਕੀ, ਵੋ ਗੁਲਸਿਤਾਂ ਹਮਾਰਾ
"सारे जहान से अच्छा हिंदुस्तान हमारा" एक प्रसिद्ध देशभक्ति गीत है जो उर्दू भाषा में लिखा गया। इसे 1904 में प्रसिद्ध कवि अल्लामा मुहम्मद इकबाल ने रचा था, जो मूल रूप से उनकी एक ग़ज़ल का हिस्सा था। यह गीत भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान राष्ट्रवाद का प्रतीक बना और आज भी स्वतंत्रता दिवस व गणतंत्र दिवस पर गाया जाता है।

गीत हिंदुस्तान की सुंदरता, एकता और अमरता का गुणगान करता है, जिसमें हिमालय, गंगा जैसी नदियों और सांस्कृतिक धरोहर का वर्णन है। इकबाल बाद में पाकिस्तान आंदोलन से जुड़े, लेकिन भारत में यह गीत लोकप्रिय बना रहा। इसे पंडित रविशंकर जैसे संगीतकारों ने संगीतबद्ध किया और लता मंगेशकर ने गाया।

आज यह राष्ट्रीय गीत का दर्जा रखता है, जो देशभक्ति की भावना जगाता है। गीत की पंक्तियाँ जैसे "मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना" एकता का संदेश देती हैं। यूट्यूब पर इसके कई संस्करण उपलब्ध हैं, जो स्कूलों व सेना में गाए जाते हैं।
 
मुख्य शब्द अर्थ
  •  सारे जहाँ: पूरा संसार या समस्त जगत।
  • हिन्दोस्ताँ: हिंदुस्तान या भारत देश।
  • बुलबुले: कोयल या बुलबुले (फूलों के बगीचे के प्रतीक)।
  • गुलसिताँ: फूलों का बगीचा या गुलिस्तान।
  • गुरबत: गरीबी या दरिद्रता।
  • वतन: वतन या अपना देश।
  • हमसाया: हमसाथी या पड़ोसी।
  • आसमाँ: आकाश या स्वर्ग।
  • संतरी: पहरेदार या चौकीदार।
  • पासबान: रक्षक या रक्षक।
  • गोदी: गोद या पालना।
  • हज़ारों नदियां: हजारों नदियाँ।
  • गुलशन: फूलों का बाग।
  • दम: साँस या जीवन शक्ति।
  • रश्क-ए-जिनां: जिनों की ईर्ष्या का विषय।
  • आब-ए-रौंद: बहती जलधारा।
  • कारवां: यात्रा-झुंड या काफिला।
  • मजहब: धर्म या मजहब।
  • बैर: वैर या दुश्मनी।
  • हिन्दी: हिंदू (यहाँ एकता का प्रतीक)।
  • नाम-ओ-निशां: नाम और निशानी।
  • हस्ती: अस्तित्व या पहचान।
  • दौर-ए-जहाँ: समय का चक्र या युग।
  • मरहूम: मृत व्यक्ति।
  • दर्द-ए-निहां: अंतर्मन का छिपा दर्द।
Deshbhkti Songs-
Next Post Previous Post