कान्हा अब आ जाओ भजन
जो था गीता मैं वचन दिया, कहे वो पुरा नहीं वो किया,
ओ कान्हा, अब आ जाओ, जले पाप का हरषु दिया,
हुआ भक्तो का छलनी जिया, ओ कान्हा, अब आ जाओ
पैसे के सब मीत बन गए, झूंठी रिश्तेदारी,
प्यार कही भी नज़र ना आए, जुल्म छा गया भारी,
बस माया का राज यहां, खोया धर्म ना जाने कहाँ,
ओ कान्हा, अब आ जाओ
ओ कान्हा, अब आ जाओ
हुआ मतलब का सारा जहाँ, करे कौन अब इंसाफ यहां,
ओ कान्हा, अब आ जाओ
ओ कान्हा, अब आ जाओ
हाहाकार मचाये प्राणी रखवाला बस तूही,
आजा आजा तुझे पुकारे पावन भारत भूमि
जहाँ तुमने था जनम लिया,
करो उस धरती पे दया,
ओ कान्हा अब आ जाओ
जो था गीता मैं वचन दिया, कहे वो पुरा नहीं वो किया,
ओ कान्हा, अब आ जाओ, जले पाप का हरषु दिया,
हुआ भक्तो का छलनी जिया, ओ कान्हा, अब आ जाओ
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