छुप छुप आयो श्याम लेके ग्वाल बाल है भजन
छुप छुप आयो श्याम लेके ग्वाल बाल है,
ऐसों ढीठ मैया जी, तेरो नन्दलाल है,
छुप छुप आयो श्याम लेके ग्वाल बाल है,
ऐसों ढींठ मैया जी, तेरो नन्द लाल है,
ग्वालन को संग ले घर में जो आ गयौ,
माखन चुराय मेरी मटकी गिराय गयो,
अंगूठा दिखावे चले टेढ़ी मेढ़ी चाल है,
ऐसों ढींठ मैया जी, तेरो नन्द लाल है,
देख री जसोदा श्याम तेरौ बड़ौ रारी (झगड़ालू) है,
डगर चलत मेरी चुनरी बिगारी है,
और दिखावे मोहे आंखें लाल लाल है,
ऐसों ढींठ मैया जी, तेरो नन्द लाल है,
तोते कहें आय तूं तो कान पै उतार देत,
दौड़ दौड़ बार बार श्याम की बलाय लेत,
द्वार पै पुकारे खड़े सभी ब्रजबाल हैं,
ऐसों ढींठ मैया जी, तेरो नन्द लाल है,
बोली है जसोदा कहां श्याम को बताय दो,
एक एक मटकी की दो दो धराय लो,
मारियो न श्यामको गरीबनी को लाल है,
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