अभी तो जगाया था तूँ, अभी सो गया, उठ परदेशी तेरा, वक़्त हो गया, अभी तो जगाया था, अभी तो जगाया था अभी तो जगाया था तूँ, अभी सो गया, उठ परदेशी तेरा, वक़्त हो गया, हम परदेशियों की यही है निशानी, आये और चले गये ख़त्म कहानी, कोई आया हंसते हँसते कोई रो गया, उठ परदेशी तेरा वक़्त हो गया, बार बार पहले भी तू आया है यहाँ पर, देखा आखे खोल तेरा ध्यान है कहा पर, अनमोल जीवन तेरा व्यर्थ हो गया, उठ परदेशी तेरा वक़्त हो गया, सारे रिश्ते नाते तेरे यही रह जाएँगे, हीरे मोती तेरे काम नही आएँगे, बोझ पापों वाला बार बार ढोह गया, उठ परदेशी तेरा वक़्त हो गया,
इस भजन का मूल सन्देश है कि जीवन बहुत ही क्षणभंगुर है। हम इस दुनिया में बस एक परदेशी हैं, और हमें जल्द ही यहाँ से जाना होगा। इसलिए हमें इस जीवन का भरपूर आनंद लेना चाहिए और अपने समय का सदुपयोग करना चाहिए।