सतगुरु से डोर अपनी क्यों ना लगाए भजन

सतगुरु से डोर अपनी क्यों ना लगाए भजन

 
सतगुरु से डोर अपनी क्यों ना लगाए Satguru Se Dor Apani Kyo Na Lagaye Lyrics
 
सतगुरु से डोर अपनी, क्यों ना बावरे लगाए,
ये साँस तेरी बन्दे, फिर आये या ना आए,

दो दिन का है तमाशा, ये तेरी जिंदगानी,
पानी का है बताशा, पगले तेरी कहानी,
अनमोल जिंदगी को, क्यों मुफ्त में गवाए,
ये सांस तेरी बन्दे, फिर आये या ना आये,
सतगुर से डोर अपनी, क्यूँ ना बावरे लगाए,
ये सांस तेरी बन्दे, फिर आये या ना आए,

कल का बहाना करके, तूने जिंदगी बिताई,
बचपन जवानी बीती, बुढ़ापे की रुत है आई,
अब भी तू जाग बन्दे, मौका निकल ना जाये,
ये सांस तेरी बन्दे, फिर आये या ना आये,
सतगुर से डोर अपनी, क्यूँ ना बावरे लगाए,
ये सांस तेरी बन्दे, फिर आये या ना आए,

आये हैं लोग कितने, आकर चले गए हैं,
तारों के जैसे कितनें, सिकंदर चले गए है,
माया महल ख़जाने, ना साथ ले जा पाए,
ये सांस तेरी बन्दे, फिर आये या ना आये,
सतगुरु से डोर अपनी, क्यूँ ना बावरे लगाए,
ये सांस तेरी बन्दे, फिर आये या ना आए,


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