मेरी अरज सुनों मेरे सतगुरु जी अस्सी

मेरी अरज सुनों मेरे सतगुरु जी अस्सी दर दर के ठुकराए भजन

 
मेरी अरज सुनों मेरे सतगुरु जी अस्सी दर दर के ठुकराए Meri Araj Suno Mere Satguruji Lyrics

मेरी अरज सुनों मेरे सतगुरु जी,
अस्सी दर दर के ठुकराए हुए हाँ,
मेरी अरज सुनों मेरे सतगुरु जी,
अस्सी दर दर के ठुकराए हुए हाँ,

जिस दर ते पल्ला वी आडिया ए,
दुत्कार मिली फटकार मिली,
जिस तों वी उम्मीदा लाइया सी,
उस थां तो वी इंकार मिली,
हूण होर कोई नजर आंदा नई,
बस तैथों ई आस लगाए हुए हाँ,
मेरी अरज सुनों मेरे सतगुरु जी,
अस्सी दर दर के ठुकराए हुए हाँ,

हूंण वेख मेरी बदहाली नूं,
संग अपने बेगाने छोड़ गए,
जिन्ना लइ मर मर ज़िंदा रहा,
ओ रिश्ते वी दिल तोड़ गए,
तेन्नु अजमाना बाकी ए,
मैं रिश्ते सब आजमाए हुए हाँ,
मेरी अरज सुनों मेरे सतगुरु जी,
अस्सी दर दर के ठुकराए हुए हाँ,

ए दुनियाँ बस मतलब दी,
हर चेहरे ते कई चहरे ने,
ऐथे झूठा मौजा लुटदे ने,
ऐथे सच बोलण ते पहरे ने,
हूँण दास समझ गया दुनीयाँ नूं,
असली चहरे ते लुकाये हुए ने,
मेरी अरज सुनों मेरे सतगुरु जी,
अस्सी दर दर के ठुकराए हुए हाँ,



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Song : - Meri Arz Suno Mere Satguru Ji
Singer : Puneet Khurana
Lyrics : Ashok Sharma Daas
Music : Raj Atul Sahu 

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