घोड़ा म्हारो छम छम करता आवे भजन

घोड़ा म्हारो छम छम करता आवे भजन


घोड़ा म्हारो छम छम करता आवे,
बाबा रामदेव जी ले संग में लावे जी,
घोड़ा म्हारो छम छम करता आवे।

घोड़ा म्हारो टप टप खुर बजावे,
यो तो घुँघरू घमकावे वो,
घोड़ा म्हारो छम छम करता आवे।

घोड़ा म्हारो गढ़ रे रुणिचा से आवे,
माता मेनादे जी ले संग में लावे वो,
बाबा रामदेव जी ले संग में लावे वो,
घोड़ा म्हारो छम छम करता आवे।

घोड़ा म्हारो प्रजापति समाज में आवे,
घोड़ा म्हारो सूरत की नगरी में आवे,
भक्ता रा दुखड़ा मिटावे वो,
घोड़ा म्हारो छम छम करता आवे।

घोड़ा म्हारो जगमग ज्योत जगावे,
भक्ता रा भाग जगावे वो,
घोड़ा म्हारो छम छम करता आवे।

घोड़े रा गुण महावीर सांखला गावे,
घोड़े रा गुण दशरथ प्रजापति गावे,
चरणों में शीश झुकावे वो,
घोड़ा म्हारो छम छम करता आवे।

घोड़ा म्हारो छम छम करता आवे,
बाबा रामदेव जी ले संग में लावे जी,
घोड़ा म्हारो छम छम करता आवे।



घोड़ों छम छम कर तो आवे भोमिया जी || Ghodo cham cham kar to Ave bhomiya ji || Bhomiya ji Bhajan

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❖Singar- mhaveer sankla 
❖Video Bhomiya ji studio Roon
❖Editor : Omprakash
❖D.O.P. :-Omesh
❖Sub Category : Bhajan
❖Music Label : Bhomiya Ji Music Studio
 
घोड़ा म्हारो छम छम करता आता है, बाबा रामदेव जी को संग ले आता। टप टप खुर बजाता घुँघरू घमकाता चले आता। गढ़ रे रुणिचा से माता मेनादे जी संग बाबा आते, प्रजापति समाज सूरत नगरी में दर्शन देते। भक्ता रा दुखड़ा मिटाते जगमग ज्योत जगाते भाग्योत्सव मनाते। बाबा रामदेव जी का महात्म्य अपरिमित है, घोड़े पर सवार हो भक्तों को कष्टों से मुक्त करते। माता संग रुणिचा चलकर समाज आशीषित करते। महावीर सांखला दशरथ प्रजापति गुणगान कर चरणों में शीश नवाते। सिद्ध बाबा भक्तों को अनंत कृपा बरसाते।
 
Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

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