एक दिन रोओगे चीख पुकार के माता पिता भजन

एक दिन रोओगे चीख पुकार के माता पिता भजन

एक दिन रोओगे चीख पुकार के,
माता पिता की अपने मूर्ति निहार के।।

सिर पे न हाथ होगा धीरज बंधाने को,
आएगी न मैया रोते लाल को मनाने को,
उस दिन सुहाएंगे न,
उस दिन सुहाएंगे न सुख संसार के,
माता पिता की अपने मूर्ति निहार के।।

कोई न जागेगा तेरे इंतजार में,
रोएगा ऐसे जैसे माझी मझधार में,
सारे रिश्ते नाते होंगे,
सारे रिश्ते नाते होंगे दिन दो~चार के,
माता पिता की अपने मूर्ति निहार के।।

याद ही तो बाकी होगी जन्मदाता की,
जानेगा कौन कीमत आंसुओं के धार की,
भूल नहीं पाएगा तू,
भूल नहीं पाएगा तू दिन ये बहार के,
माता पिता की अपने मूर्ति निहार के।।

माता की ममता और पिता का सहारा,
जीवन में प्राणी तुझको मिले न दोबारा,
योगी तू तो पी ले इनके,
योगी तू तो पी ले इनके चरणों को पखार के,
माता पिता की अपने मूर्ति निहार के।।

एक दिन रोओगे चीख पुकार के,
माता पिता की अपने मूर्ति निहार के।।



दर्द भरा रुलाने वाला भजन - Murlidhar Ji || Ek Din Rovogge Chheek Pukar Ke ||

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Saroj Jangir Author Admin - Saroj Jangir

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