देवी रो अगवाणी रै भैरुँ जी भजन

देवी रो अगवाणी रै भैरुँ जी भजन

देवी रो अगवाणी रै भैरुँ जी लिरिक्स Devi Ro Agwaani Bheru Ji Lyrics Meaning

देवी रो अगवाणी रै भैरुँ जी,
घुघरियाँ घमकावे,
घुघरियाँ घमकावे रै भैरुँ जी,
घुघरियाँ घमकावे रै भैरुँ जी,
रुणझुण करतो आवे रे,
खेतल घुघरिया घमकावें,
हो भैरुँ घुघरिया घमकावे ॥

काळा गोरा भैरूजी रा, राताराता नैण जी,
मंछा पूरण करे खेतलो, है भगतां रो सैण जी,
सोवण चुटियो हाथ में सोवे, सोवण चुटियो हाथ में सोवे,
रुणझुण करतो आवे, खेतल घुघरिया घमकावें,
देवी रो अगवाणी रै भैरुँ जी,
घुघरियाँ घमकावे,
घुघरियाँ घमकावे रै भैरुँ जी,
घुघरियाँ घमकावे रै भैरुँ जी,
रुणझुण करतो आवे रे,
खेतल घुघरिया घमकावें।

कळियुग रो अवतारी रे,भैरूजी सोनाणे विराजे,
तेल सिन्दूर थारे चढे चूरमो ,ढोल नगारा बाजे,
माली पन्ना रो बाग़ों पहरावे,
रुणझुण करतो आवे, खेतल घुघरिया घमकावें,
देवी रो अगवाणी रै भैरुँ जी,
घुघरियाँ घमकावे,
घुघरियाँ घमकावे रै भैरुँ जी,
घुघरियाँ घमकावे रै भैरुँ जी,
रुणझुण करतो आवे रे,
खेतल घुघरिया घमकावें।

बारह मणा रा चढे बाकडा, तेरहे घाणी रो तेल,
सोनाणे रा दरशन करलो, आसी खेतल बेल,
जगदम्बा रे चँवर ढुळावे,
रुणझुण करतो आवे, खेतल घुघरिया घमकावें,
देवी रो अगवाणी रै भैरुँ जी,
घुघरियाँ घमकावे,
घुघरियाँ घमकावे रै भैरुँ जी,
घुघरियाँ घमकावे रै भैरुँ जी,
रुणझुण करतो आवे रे,
खेतल घुघरिया घमकावें।

सोनाणा भैरुँ रा, परचा पड़रया है हद भारी,
चेतसुदी एकम ने खेतला रो, मेळो भरीजे भारी,
शांतिलाल जी आखा दिरावै,
महेन्द्र कुशल गावे खेतल, घुघरिया घमकावे रे,
रुणझुण करतो आवे, खेतल घुघरिया घमकावें,
देवी रो अगवाणी रै भैरुँ जी,
घुघरियाँ घमकावे,
घुघरियाँ घमकावे रै भैरुँ जी,
घुघरियाँ घमकावे रै भैरुँ जी,
रुणझुण करतो आवे रे,
खेतल घुघरिया घमकावें। 


Sunita Swami || देवी रो अगवाणी भेरुजी घुघरिया घमकावे || Bheru Ji Ka Bhajan || Devi Ro Aagvani Bheru

Devi Ro Agavaani Rai Bhairun Ji,
Ghughariyaan Ghamakaave,
Ghughariyaan Ghamakaave Rai Bhairun Ji,
Ghughariyaan Ghamakaave Rai Bhairun Ji,
Runajhun Karato Aave Re,
Khetal Ghughariya Ghamakaaven,
Ho Bhairun Ghughariya Ghamakaave .

 
Bhajan Singer : Sunita Swami  

देवी रो अगवाणी रै भैरुँ जी : देवी माता के अगवानी हैं भेरू जी.
घुघरियाँ घमकावे : पावों में घुंघरू बजाते हैं।
रुणझुण करतो आवे रे : यह रुनझुन करता हुआ आता है।
खेतल घुघरिया घमकावें : खेतल घुघरलिया घमका रहे हैं।
काळा गोरा भैरूजी रा, राताराता नैण जी : काले भेरू जी के बड़े बड़े नैन हैं।
मंछा पूरण करे खेतलो, है भगतां रो सैण जी : मन की इच्छा को पूर्ण करते हैं खेतल।
सोवण चुटियो हाथ में सोवे, सोवण चुटियो हाथ में सोवे :
हाथों में सोने की लकड़ी (चीटिया) थामे हैं जो शोभित है।
कळियुग रो अवतारी रे,भैरूजी सोनाणे विराजे कलियुग का अवतार हैं भेरू जी जो की सोणाने में विराजमान हैं।
तेल सिन्दूर थारे चढे चूरमो ,ढोल नगारा बाजे : आपके तेल सिन्दूर और चूरमा चढ़ता है. ढोल नगारे बजते हैं।
माली पन्ना रो बाग़ों पहरावे : माली (बाग़ का रखवाला) आपको फूलों से बना बागा (वस्त्र) पहनाता है।
बारह मणा रा चढे बाकडा, तेरहे घाणी रो तेल : बारह मण का आपको भाकड और तरह घानियों का तेल चढ़ता है।
सोनाणे रा दरशन करलो, आसी खेतल बेल : सोनाणे का दर्शन कर लो।
जगदम्बा रे चँवर ढुळावे : जगदम्बा माता का चंवर ढुलाते/चलाते हैं।
सोनाणा भैरुँ रा, परचा पड़रया है हद भारी : सोनाणा में भेरू बाबा का परचा/चमत्कार बहुत है।
चेतसुदी एकम ने खेतला रो, मेळो भरीजे भारी : चैत्रसऊदी की एकंम को भारी मेला भरता है।
शांतिलाल जी आखा दिरावै : शान्ति लाल जी पूजा में आखा (अनाज) देते हैं।
महेन्द्र कुशल गावे खेतल, घुघरिया घमकावे रे :  महेंद्र कुशल गाते हैं।
 
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