सचु पाया सुख ऊपनाँ अरु दिल दरिया मीनिंग
सचु पाया सुख ऊपनाँ अरु दिल दरिया पूरि मीनिंग
सचु पाया सुख ऊपनाँ, अरु दिल दरिया पूरि।
सकल पाप सहजै गये, जब साँई मिल्या हजूरि॥
सकल पाप सहजै गये, जब साँई मिल्या हजूरि॥
Sachu Paaya Sukh Upana, Aru Dil Dariya Puri,
Sakal Paap Sahaje Gaye, Jab Saai Milya Hujuri.
- सचु पाया – शान्ति और सुख की प्राप्ति/सत्य की प्राप्ति.
- सुख ऊपनाँ : सुख उत्पन्न हुआ.
- अरु : और .
- दरिया पूरि : सागर से परिपूर्ण.
- सकल पाप : सम्पूर्ण पाप.
- सहजै गये : सहज ही नष्ट हो गए हैं.
- जब साँई : जब इश्वर.
- मिल्या : मिला है, प्राप्त हुआ है.
- हजूरि : स्वामी, इश्वर.
उल्लेखनीय है की समस्त सांसारिक, भौतिक सुख मायाजनित सुख क्षणिक होते हैं. वास्तव में ये सुख होते ही नहीं है, दुःख ही होते हैं. हम इन्हें सुख समझ कर झूठ के अधीन हो जाते हैं.
मायाजनित समस्त कार्य एंव व्यवहार दुखों के जनक होते हैं. इनमे पड़कर जीवात्मा स्वंय को इश्वर से दूर करती चली जाती है. सच्ची ख़ुशी तो इश्वर के प्रेम में है जो सहज है, उसे प्राप्त करने के लिए किसी बाह्य जतन की कोई आवश्यकता नहीं होती है. साहेब के अनुसार जब इंगला और पिंगला आपस में मिल जाती हैं तो स्वतः ही हर्ष का अनुभव होने लगता है जो क्षणिक नहीं बल्कि हर समय बने रहने वाला होता है.
मायाजनित समस्त कार्य एंव व्यवहार दुखों के जनक होते हैं. इनमे पड़कर जीवात्मा स्वंय को इश्वर से दूर करती चली जाती है. सच्ची ख़ुशी तो इश्वर के प्रेम में है जो सहज है, उसे प्राप्त करने के लिए किसी बाह्य जतन की कोई आवश्यकता नहीं होती है. साहेब के अनुसार जब इंगला और पिंगला आपस में मिल जाती हैं तो स्वतः ही हर्ष का अनुभव होने लगता है जो क्षणिक नहीं बल्कि हर समय बने रहने वाला होता है.
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Author - Saroj Jangir
दैनिक रोचक विषयों पर में 20 वर्षों के अनुभव के साथ, मैं एक विशेषज्ञ के रूप में रोचक जानकारियों और टिप्स साझा करती हूँ, मेरे इस ब्लॉग पर। मेरे लेखों का उद्देश्य सामान्य जानकारियों को पाठकों तक पहुंचाना है। मैंने अपने करियर में कई विषयों पर गहन शोध और लेखन किया है, जिनमें जीवन शैली और सकारात्मक सोच के साथ वास्तु भी शामिल है....अधिक पढ़ें। |
