बुला लो वृन्दावन गिरधारी मेरी बीती उमरियां भजन
बुला लो वृन्दावन गिरधारी मेरी बीती उमरियां भजन
मेरी बीती उमरिया सारी,ओ, मेरी बीती उमरियाँ सारी,
बुला लो वृन्दावन गिरधारी,
बसा लो वृन्दावन गिरधारी,
मेरी बीती उमरियां सारी,
बुला लो वृन्दावन गिरधारी।
मोह ममता ने डाला घेरा,
ना कोई सूझें रास्ता तेरा,
दीन दयाल पकड़ लो बइयाँ,
अब केवल आस तिहारी,
बुला लो वृन्दावन गिरधारी,
मेरी बीती उमरियां सारी,
बुला लो वृन्दावन गिरधारी।
करुणा करो मेरे नटनागर,
जीवन की मेरे खाली गागर,
अपनी दया का सागर भर दो,
मैं आई शरण तिहारी,
बुला लो वृन्दावन गिरधारी,
मेरी बीती उमरियां सारी,
बुला लो वृन्दावन गिरधारी।
दीन जान ठुकरा ना देना,
अपनी चरण कमल रज देना,
युगों युगों से खोज रही हूँ,
अब दर्शन दो गिरिधारी,
बुला लो वृन्दावन गिरधारी,
मेरी बीती उमरियां सारी,
बुला लो वृन्दावन गिरधारी।
बुला लो वृन्दावन गिरधारी,
बसा लो वृन्दावन गिरधारी,
मेरी बीती उमरिया सारी,
बुला लो वृन्दावन गिरधारी,
मेरी बीती उमरियां सारी,
बुला लो वृन्दावन गिरधारी।
बुला लो वृन्दावन गिरधारी,
बसा लो वृन्दावन गिरधारी,
मेरी बीती उमरियां सारी,
बुला लो वृन्दावन गिरधारी।
मोह ममता ने डाला घेरा,
ना कोई सूझें रास्ता तेरा,
दीन दयाल पकड़ लो बइयाँ,
अब केवल आस तिहारी,
बुला लो वृन्दावन गिरधारी,
मेरी बीती उमरियां सारी,
बुला लो वृन्दावन गिरधारी।
करुणा करो मेरे नटनागर,
जीवन की मेरे खाली गागर,
अपनी दया का सागर भर दो,
मैं आई शरण तिहारी,
बुला लो वृन्दावन गिरधारी,
मेरी बीती उमरियां सारी,
बुला लो वृन्दावन गिरधारी।
दीन जान ठुकरा ना देना,
अपनी चरण कमल रज देना,
युगों युगों से खोज रही हूँ,
अब दर्शन दो गिरिधारी,
बुला लो वृन्दावन गिरधारी,
मेरी बीती उमरियां सारी,
बुला लो वृन्दावन गिरधारी।
बुला लो वृन्दावन गिरधारी,
बसा लो वृन्दावन गिरधारी,
मेरी बीती उमरिया सारी,
बुला लो वृन्दावन गिरधारी,
मेरी बीती उमरियां सारी,
बुला लो वृन्दावन गिरधारी।
VRINDAVAN SPECIAL BHAJAN !! बुला लो वृन्दावन गिरधारी !! 2017 Shri Krishna Bhajan
बीती उम्र के सारे पल खाली लगने लगते हैं जब गिरधारी की याद आती है। मोह ममता का घेरा इतना जकड़ लेता कि रास्ता भूल जाते हैं, बस दीन दयाल की बाईं भुजा थाम लेनी पड़ती। जीवन की गागर सूखी पड़ी रहती, अपनी दया का सागर उंडेल देते। युगों से खोजती आँखें चरण कमल की रज माँगती हैं, शरणागत को ठुकराते नहीं। साधक को एहसास होता कि इश्वर का आशीर्वाद ही बीते लम्हों को बसाकर नया जीवन देता। प्रेम की पुकार दिल को शांति से भर देती।
वृन्दावन की बुलावे सी गूँज सुनाई देती, हर दर्द मिटाने को बेताब। अब बस आशा उन्हीं की, करुणा का स्रोत बनकर उतर आते। खालीपन भर जाता, जीना सार्थक हो जाता। आप सभी पर इश्वर की कृपा बनी रहे। जय श्री कृष्ण जी की।
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