पकड़ लो बाँह रघुराई नहीं तो डूब जाएँगे भजन
पकड़ लो बाँह रघुराई नहीं तो डूब जाएँगे भजन
अरे, पकड़ लो बाँह रघुराई,नहीं तो डूब जाएँगे|
पकड़ लो बाँह रघुराई,
नहीं तो डूब जाएंगे।
(पकड़ लो बाँह रघुराई,
नही तो डूब जाएँगे|
पकड़ लो बाँह रघुराई,
नही तो डूब जाएंगे। )
डगर ये अगम अनजानी,
पथिक मैं मूढ़ अज्ञानी,
संभालोगे नहीं राघव,
तो काँटे चुभ जाएँगे,
पकड़ लो बाँह रघुराई ,
नहीं तो डूब जाएँगे,
(पकड़ लो बाँह रघुराई,
नही तो डूब जाएँगे|
पकड़ लो बाँह रघुराई,
नही तो डूब जाएंगे। )
नहीं बोहित मेरा नौका,
नहीं तैराक मैं पक्का,
कृपा का सेतु बंधन हो,
(तो ) प्रभु हम खूब आएँगे,
(पकड़ लो बाँह रघुराई,
नही तो डूब जाएँगे,
पकड़ लो बाँह रघुराई,
नही तो डूब जाएंगे। )
नहीं है बुधि विधा बल,
माया में डूबी मती चञ्चल,
निहारेंगे मेरे अवगुण तो,
प्रभु जी ऊब जाएंगे,
पकड़ लो बाँह रघुराई,
नहीं तो डूब जाएँगे
(पकड़ लो बाँह रघुराई,
नही तो डूब जाएँगे|
पकड़ लो बाँह रघुराई,
नही तो डूब जाएंगे। )
प्रतीक्षारत है ये राजन
शरण ले लो सिया साजन,
शिकारी चल जिधर,
प्रहलाद जी भूल जाएँगे
पकड़ लो बाँह रघुराई,
नहीं तो डूब जाएँगे
(पकड़ लो बाँह रघुराई,
नही तो डूब जाएँगे|
पकड़ लो बाँह रघुराई,
नही तो डूब जाएंगे। )
Are, Pakad Lo Baanh Raghurai,
Nahin To Dub Jaenge|
Pakad Lo Baanh Raghurai,
Nahin To Dub Jaenge.
(Pakad Lo Baanh Raghurai,
Nahi To Dub Jaenge|
Pakad Lo Baanh Raghurai,
Nahi To Dub Jaenge. )
Song Sung By : Sh. Rajesh Kumar Tiwari alias Pujya Rajan Jee Maharaj
Lyrics By: Lt Shivanand Mishra (Shikari)
Music Composed By: Sh. Rajesh Kumar Tiwari alias Pujya Rajan Jee Maharaj
Producer and Published By : Pujya Rajan Jee Official
जीवन की राहें कितनी अगम और अनजानी लगती हैं, पथिक होकर भी मूढ़ अज्ञानी बने रहते हैं। कांटे चुभने लगते हैं जब संभालने वाला न हो, लेकिन बांह पकड़ लें तो सब सहज हो जाता है। न बोहित न पक्का तैराक, फिर भी कृपा का सेतु बंध जाए तो पार उतर आते हैं। इश्वर का आशीर्वाद हर बाधा पार करा देता है। बिना बुद्धि, विद्या, बल के माया में चंचल मन डूबने को होता है, अवगुण निहारकर ऊब न हो जाए।
प्रतीक्षा में खड़े हैं वो राजन, शरण ले लें सिया साजन को, शिकारी जहां चले प्रह्लाद जी भूल न जाएं। हर खतरे से बचाते हैं जब बांह थाम लें। ये प्रेम का बंधन जीवन को सहारा देता है। आप सभी पर इश्वर की कृपा बनी रहे। जय श्री रघुराई जी की।