थारी चाकरी में चूक कोनी राखूँ भजन
थारी चाकरी में चूक कोनी राखूँ भजन
थारी चाकरी में चूक कोनी,राखूँ म्हारां साँवरिया,
राखूँ म्हारां सांवरिया,
चाकर म्हानें राखो जी।
(थारी चाकरी में चूक कोनी,
राखूँ म्हारां साँवरिया,
राखूँ म्हारां सांवरिया,
चाकर म्हानें राखो जी।)
गिरधारी म्हाने चाकर राखो जी।
चाकरी में दर्शन पाऊँ,
सुमिरण पाऊं कर जी,
चाकर रहस्यूँ बाग़ लगास्यूँ,
नित उठ दर्शन पास्यूँ,
वृन्दावन री कुञ्ज गलिन में,
गोविन्द रा गुण गास्यूँ,
मैं तो गोविन्द रा गुण,
गास्यूँ म्हारा सांवरिया,
चाकर म्हानें राखो जी,
थारी चाकरी में चूक कोनी,
राखूँ म्हारां साँवरिया,
राखूँ म्हारां सांवरिया,
चाकर म्हानें राखो जी।
चाकरी में दर्शन पाऊँ,
सुमिरण पाऊं कर जी,
भाव भक्ति जागीरी पाऊँ,
तीनों बाता सरसी,
ऐ तो तीनों बाता सरसी,
म्हारा सांवरिया,
सरसी म्हारा सांवरिया,
चाकर म्हानें राखो जी,
थारी चाकरी में चूक कोनी,
राखूँ म्हारां साँवरिया,
राखूँ म्हारां सांवरिया,
चाकर म्हानें राखो जी।
मोर मुकुट पीतांबर सोहे,
गल वैजन्ती माला,
वृन्दावन में धेनु चरावे,
वृन्दावन में गउवाँ चरावे,
मोहन मुरली वाला,
थे तो मोहन मुरली वाला,
म्हारा सांवरिया,
मुरली वाला म्हारा सांवरिया,
चाकर म्हानें राखो जी,
थारी चाकरी में चूक कोनी,
राखूँ म्हारां साँवरिया,
राखूँ म्हारां सांवरिया,
चाकर म्हानें राखो जी।
ऊँचा ऊँचा महल बनाऊँ,
बीच में राखूं बारी,
सांवरिया रा दर्शन करस्यूँ,
गिरधारी रा दर्शन करस्यूँ,
पहर कसूमल साड़ी,
आ तो पहर कसूमल साड़ी,
म्हारा सांवरिया,
साड़ी, म्हारा सांवरिया,
आ तो पहर कसूमल साड़ी,
म्हारा सांवरिया,
चाकर म्हानें राखो जी,
थारी चाकरी में चूक कोनी,
राखूँ म्हारां साँवरिया,
राखूँ म्हारां सांवरिया,
चाकर म्हानें राखो जी।
जोगी आया जोग करण ने,
तप करने संस्यासी,
हरी भजन को साधू आवे,
वृन्दावन के वासी,
आ तो वृन्दावन के वासी,
म्हारा सांवरिया,
वासी म्हारा सांवरिया,
चाकर म्हानें राखो जी,
थारी चाकरी में चूक कोनी,
राखूँ म्हारां साँवरिया,
राखूँ म्हारां सांवरिया,
चाकर म्हानें राखो जी।
मीरा के प्रभु गहर गमीरा,
आधी रात रा दर्शन देसी,
जळ जमुना री तीरा,
आ तो जळ जमुना री तीरा,
म्हारा सांवरिया,
तीरा म्हारा सांवरिया,
चाकर म्हानें राखो जी,
थारी चाकरी में चूक कोनी,
राखूँ म्हारां साँवरिया,
राखूँ म्हारां सांवरिया,
चाकर म्हानें राखो जी।
थारी चाकरी में चूक कोनी,
राखूँ म्हारां साँवरिया,
राखूँ म्हारां सांवरिया,
चाकर म्हानें राखो जी।
(थारी चाकरी में चूक कोनी,
राखूँ म्हारां साँवरिया,
राखूँ म्हारां सांवरिया,
चाकर म्हानें राखो जी।)
गिरधारी म्हाने चाकर राखो जी।
Thaari Chaakari Mein Chuk Koni,
Raakhun Mhaaraan Saanvariya,
Raakhun Mhaaraan Saanvariya,
Chaakar Mhaanen Raakho Ji.
(Thaari Chaakari Mein Chuk Koni,
Raakhun Mhaaraan Saanvariya,
Raakhun Mhaaraan Saanvariya,
Chaakar Mhaanen Raakho Ji.)
Giradhaari Mhaane Chaakar Raakho Ji.
जीवन की हर साँस में प्रभु का नाम जपते चलें, तो हर पल एक नई ऊर्जा मिलती है। साँसें आती-जाती रहती हैं, लेकिन इन्हें प्रभु के नाम से सजाकर चढ़ा दें, तो ये साधारण साँसें भक्ति का हार बन जाती हैं। श्याम बाबा जी को ये उपहार समर्पित करने से मन को गहरा सुकून मिलता है, जैसे कोई बच्चा अपनी प्यारी माँ को फूलों का guच्छा देता है। ये साँसें जो हमें चलने-फिरने की ताकत देती हैं, इन्हें व्यर्थ न जाने दें, बल्कि हर श्वास को प्रेम से भर दें। रोज़ सुबह उठकर गहरी साँस लें और मन ही मन कहें, ये प्रभु की देन है, इसे लौटा दूँ। ऐसे में जीवन का हर लम्हा रंगीन हो उठता है, दुख-तकलीफें भी हल्की लगने लगती हैं।
साँसों का कोई भरोसा नहीं, कभी धीमी पड़ जाएँ, कभी रुक सी जाएँ, इसलिए इन्हें अभी समर्पित कर दें श्याम प्रभु जी को। जो इन्हें बख्शी हैं, उसी के नाम कर दें, तो ये संसार का मोह छूट जाता है और परलोक का रास्ता आसान हो जाता है। एक साँस भी अगर प्रभु से जोड़ दें, तो वो हमें हमेशा के लिए उनसे मिला देती है। याद रखें वो किसान की कहानी, जो हर हवा के झोंके में प्रभु को याद करता था, उसका जीवन कितना शांतिपूर्ण रहा। हमें भी ऐसा ही करें, साँसों को जप-माला बनाएँ, ताकि हर पल इश्वर का आशीर्वाद बना रहे। आप सभी पर इश्वर की कृपा बनी रहे। जय श्री श्याम बाबा जी की।
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