जब से मैं खाटू नगर आ गया हूँ

जब से मैं खाटू नगर आ गया हूँ भजन

खाटू वाले श्याम मेरे,खाटू वाले श्याम,
हारे के सहारे मेरे, खाटू वाले श्याम।
जब से मैं खाटू नगर आ गया हूँ,
जब से मैं खाटू नगर आ गया हूँ,
ऐसा लगता है, जैसे घर आ गया हूँ।
मुझे मिल गया है, फ़िक्र करने वाला,
हर तरह से होके, बेफ़िक्र आ गया हूँ।

जग के ईशारों पे, अब तक नची है,
जग के ईशारों पे, अब तक नची है,
ज्यादा गुज़र गई, थोड़ी बची है,
ज्यादा गुज़र गई, थोड़ी बची है,
बची हुई लेकर, उमर आ गया हूँ,
ऐसा लगता है, जैसे घर आ गया हूँ,
ऐसा लगता है, जैसे घर आ गया हूँ।
खाटू वाले श्याम मेरे,खाटू वाले श्याम,
हारे के सहारे मेरे, खाटू वाले श्याम।

मुझको यकी है वो रोने ना देगा,
मुझे दर बदर अब होने ना देगा,
काट चौरासी का, सफ़र आ गया हूँ,
ऐसा लगता है, जैसे घर आ गया हूँ,
ऐसा लगता है, जैसे घर आ गया हूँ।
खाटू वाले श्याम मेरे,खाटू वाले श्याम,
हारे के सहारे मेरे, खाटू वाले श्याम।

मजबूर ने होकर सुन्दर लाल ने पुकारा,
मजबूर ने होकर सुन्दर लाल ने पुकारा,
कृपा भरी दृष्टि से उसने निहारा,
भीड़ में दयालु को नज़र आ गया हूँ,
ऐसा लगता है, जैसे घर आ गया हूँ,
ऐसा लगता है, जैसे घर आ गया हूँ।
खाटू वाले श्याम मेरे,खाटू वाले श्याम,
हारे के सहारे मेरे, खाटू वाले श्याम।

जबसे खाटू नगरी आया हु | खाटू नरेश भजन | Khatu Shyam bhajan 2021 - Sunder Lal Tyagi

Khaatu Vaale Shyaam Mere,khaatu Vaale Shyaam,
Haare Ke Sahaare Mere, Khaatu Vaale Shyaam.
Jab Se Main Khaatu Nagar Aa Gaya Hun,
Jab Se Main Khaatu Nagar Aa Gaya Hun,
Aisa Lagata Hai, Jaise Ghar Aa Gaya Hun.
Mujhe Mil Gaya Hai, Fikr Karane Vaala,
Har Tarah Se Hoke, Befikr Aa Gaya Hun. 
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