कश्मीर की वादी में शेरोवाली का द्वारा भजन

कश्मीर की वादी में शेरोवाली का द्वारा भजन

ना इसका है, ना उसका है,
ना मेरा है, ना तेरा है,
कश्मीर की प्यारी वादी में,
शेरोवाली का डेरा है।
कोहिनूर का जलवा है जन्नत का नज़ारा है,
कश्मीर की वादी में, शेरोवाली का द्वारा है,
कोहिनूर का जलवा है जन्नत का नज़ारा है।

हर ओर पहाड़ो ने डाला हुआ घेरा है,
हर जगह बहारों ने फूलों को बिखेरा है,
भगवान ने धरती पर इक स्वर्ग उतारा है,
कश्मीर की वादी में मेरी माँ का द्वारा है,
कश्मीर की वादी में, शेरोवाली का द्वारा है,
कोहिनूर का जलवा है जन्नत का नज़ारा है।

है केंदर तपसाया का ऋषियों की धरती है,
इस धरती की कुरदत भी आराधना करती है,
कोई पुण्य का सागर है मुकति का दवार है
कश्मीर की वादी में मेरी माँ का द्वारा है,
कश्मीर की वादी में, शेरोवाली का द्वारा है,
कोहिनूर का जलवा है जन्नत का नज़ारा है।

माँ के इस द्वारे की महिमा ही निराली है,
खाली न कभी जाए जाता जो सवाली है,
ममता के सरोवर की अनमोल वो धारा है,
कश्मीर की वादी में मेरी माँ का द्वारा है,
कश्मीर की वादी में, शेरोवाली का द्वारा है,
कोहिनूर का जलवा है जन्नत का नज़ारा है। 
 
भजन श्रेणी : माता रानी भजन (Read More : Mata Rani Bhajan)


कश्मीर की वादी में मेरी माँ का द्वारा | Most Popular Matarani Bhajan | Lakhbir Singh Lakkha -Full HD

Na Isaka Hai, Na Usaka Hai,
Na Mera Hai, Na Tera Hai,
Kashmir Ki Pyaari Vaadi Mein,
Sherovaali Ka Dera Hai.
Kohinur Ka Jalava Hai Jannat Ka Nazaara Hai,
Kashmir Ki Vaadi Mein, Sherovaali Ka Dvaara Hai,
Kohinur Ka Jalava Hai Jannat Ka Nazaara Hai. 
 
Song: Kashmir Ki VAadi Men
Singer: Lakhbir Singh Lakkha
Category: Hindi Devotional ( Mata Ke Bhajan)
Producers: Amresh Bahadur - Ramit Mathur
Label : Yuki 
 
कश्मीर की खूबसूरत वादी में वो जगह है जहाँ ना किसी का मालिकाना हक है, ना किसी का – सब कुछ बस माँ का है। जैसे कोई जन्नत धरती पर उतर आई हो, जहाँ कोहिनूर की चमक और स्वर्ग का नज़ारा एक साथ दिखता है। पहाड़ों ने चारों तरफ घेरा डाला है, फूलों ने बहार बिखेरी है, और भगवान ने खुद ये स्वर्ग उतारा है। शेरोवाली माँ का द्वार यहीं है, जहाँ हर साधक की पुकार सुन ली जाती है। जैसे कोई माँ का आँचल सबको ढक लेता है, वैसे ही ये वादी माँ की ममता से भरी पड़ी है।

ये धरती तपस्या का केंद्र है, ऋषियों की पावन भूमि, जहाँ प्रकृति भी आराधना करती लगती है। पुण्य का सागर है, मुक्ति का द्वार है – माँ का दरबार इतना खास है कि कोई सवाली खाली नहीं लौटता। ममता के सरोवर से निकलने वाली वो अनमोल धारा हर दिल को तर कर देती है। जैसे कोई थका हुआ यात्री माँ के द्वारे पहुँचकर सब दुख भूल जाता है, वैसे ही यहाँ आकर मन शांत हो जाता है, और जीवन नई रोशनी पा लेता है। आप सभी पर ईश्वर की कृपा बनी रहे। जय श्री शेरोवाली माँ की। 
 
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