दिलबर की अदा निराली है

दिलबर की अदा निराली है

दिलबर की अदा निराली है,
दिल छीन लिया उसने मेरा,
प्यारे की सूरत प्यारी है,
दिल छीन लिया उसने मेरा।

दिन रात तड़पता रहता हूँ,
घनश्याम तुम्हारी यादो में,
हँस कर सब छीन लिया,
मेरा जादू है तेरी बातो में,
कंधे पे कामर काली है,
दिल छीन लिया उसने मेरा,
दिलबर की अदा निराली है,
दिल छीन लिया उसने मेरा,
प्यारे की सूरत प्यारी है,
दिल छीन लिया उसने मेरा।

मृग जैसे मोटे नैनों पे,
बलिहारी जाऊँ मैं प्यारे,
वा छैल छबीले रसियां के,
हैं केश घने कारे कारे,
अधरों पे मुरली प्यारी है,
दिल छीन लिया उसने मेरा,
दिलबर की अदा निराली है,
दिल छीन लिया उसने मेरा,
प्यारे की सूरत प्यारी है,
दिल छीन लिया उसने मेरा।

हे सर्वेश्वर हे कृष्ण पिया,
मैं तेरा हूँ तू मेरा है,
आकर के बाँह पकड़ मेरी,
माया ने मुझको घेरा है,
तुझसे जन्मों की यारी है,
दिल छीन लिया उसने मेरा,
दिलबर की अदा निराली है,
दिल छीन लिया उसने मेरा,
प्यारे की सूरत प्यारी है,
दिल छीन लिया उसने मेरा।


भजन श्रेणी : कृष्ण भजन (Krishna Bhajan)

Dilbar Ki Ada Nirali Hai - दिलबर की अदा निराली है - Devkinandan Thanur Ji - Saawariya

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