मधुराष्टकम अधरं मधुरं वदनं मधुरं
मधुराष्टकम अधरं मधुरं वदनं मधुरं
यह एक सुन्दर अष्टक : मधुराष्टकम (Madhurashtakam) है जिसमें श्री कृष्ण जी के बाल समय की "मधुरता" को दर्शाया गया है। मधुराष्टकम के रचियता श्रीवल्लभाचार्य जी (पुष्टिमार्ग) हैं। मधुराष्टकम में बाल श्री कृष्ण जी होंठ, चेहरे, मुस्कान आदि के अतिरिक्त सम्पूर्ण छवि के बारे में वर्णन किया गया है। इस अष्टकम में आठ छंदों के माध्यम से श्री कृष्ण जी की अनुपम छवि का वर्णन प्राप्त होता है।
मधुराष्टकम (Madhurashtakam) की रचना के विषय में उल्लेख प्राप्त होता है की वल्लभाचार्य जी को स्वंय श्री कृष्ण जी ने दर्शन दिए थे और उसी समय उन्होंने श्री कृष्ण जी की छवि का सुंदरता से वर्णन किया है। इसके अतिरिक्त श्री वल्लाभाचार्य जी ने संस्कृत भाषा में ही व्यास सूत्र भाष्य, जैमिनी सूत्र भाष्य, भागवत सुबोधिनी टीका, पुष्टि प्रवल मर्यादा और सिद्धांत रहस्य आदि की रचना की है।
मधुराष्टकम (Madhurashtakam) की रचना के विषय में उल्लेख प्राप्त होता है की वल्लभाचार्य जी को स्वंय श्री कृष्ण जी ने दर्शन दिए थे और उसी समय उन्होंने श्री कृष्ण जी की छवि का सुंदरता से वर्णन किया है। इसके अतिरिक्त श्री वल्लाभाचार्य जी ने संस्कृत भाषा में ही व्यास सूत्र भाष्य, जैमिनी सूत्र भाष्य, भागवत सुबोधिनी टीका, पुष्टि प्रवल मर्यादा और सिद्धांत रहस्य आदि की रचना की है।
मधुराष्टकम Madhurashtakam
अधरं मधुरं वदनं मधुरं नयनं मधुरं हसितं मधुरं ।हृदयं मधुरं गमनं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं ॥१॥
वचनं मधुरं चरितं मधुरं वसनं मधुरं वलितं मधुरं ।
चलितं मधुरं भ्रमितं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं ॥२॥
वेणुर्मधुरो रेणुर्मधुरः पाणिर्मधुरः पादौ मधुरौ ।
नृत्यं मधुरं सख्यं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं ॥३॥
गीतं मधुरं पीतं मधुरं भुक्तं मधुरं सुप्तं मधुरं ।
रूपं मधुरं तिलकं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं ॥४॥
करणं मधुरं तरणं मधुरं हरणं मधुरं रमणं मधुरं ।
वमितं मधुरं शमितं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं ॥५॥
गुञ्जा मधुरा माला मधुरा यमुना मधुरा वीची मधुरा ।
सलिलं मधुरं कमलं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं ॥६॥
गोपी मधुरा लीला मधुरा युक्तं मधुरं मुक्तं मधुरं।
दृष्टं मधुरं सृष्टं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं ॥७॥
गोपा मधुरा गावो मधुरा यष्टिर्मधुरा सृष्टिर्मधुरा ।
दलितं मधुरं फलितं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं ॥८॥
रचियता : श्रीवल्लभाचार्य कृत
भजन श्रेणी : कृष्ण भजन (Krishna Bhajan)
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