रंग बरसे कान्हा रंग बरसे कृष्णा भजन

रंग बरसे कान्हा रंग बरसे कृष्णा भजन

 
रंग बरसे कान्हा रंग बरसे

आज कान्हा, भक्त तेरे ये होली खेलन को तरसे ~
रंग बरसे कान्हा, रंग बरसे ~
आज ब्रज में रंग बरसे ~ ।।

सारी दुनिया रंगों में खो गई, तेरे आवन की हद हो गई ~
सावन की तरह अँखियाँ रो गई, पर तू नहीं निकला घर से ~
रंग बरसे कान्हा, रंग बरसे ~
आज ब्रज में रंग बरसे ~ ।।

त्यार हुई भगतो की टोली, तेरे बिन काहे की होली ~
बैठे हैं खोलें रंग रोली, तेरे लिए दिन भर से ~
रंग बरसे कान्हा, रंग बरसे ~
आज ब्रज में रंग बरसे ~ ।।

होली का रंग फीका पड़ गया, तेरे नाम का रंग जो चढ़ गया ~
ये तो बात किसी ज़िद पे अड़ गया, हो गए अब तो कई अरसे ~
रंग बरसे कान्हा, रंग बरसे ~
आज ब्रज में रंग बरसे ~ ।।


रंग बरसे कान्हा । सुपरहिट होली भजन । Deepak Dev | Rang Barse Kanha | HD Video

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Song: Rang Barse Kanha
Singer: Deepak Dev
Album: Khatu Mein Murli Madhur Sunai De
Category: Hindi Devotional ( Shyam Bhajan)
Producers: Amresh Bahadur, Ramit Mathur
Label: Yuki

आज वे कान्हा के साथ होली खेलने को 'तरस' रहे हैं और उनके आने पर ही ब्रज में सच्चे रंगों की वर्षा होगी। इस विरह की तीव्रता को यह कहकर दर्शाया गया है कि जब पूरी दुनिया रंगों में सराबोर है, तब भी कान्हा के न आने के कारण भक्तों की आँखें 'सावन की तरह' रो रही हैं, मानो उनके आगमन की प्रतीक्षा 'हद हो गई' है। भक्त बड़े उत्साह से रंग और रोली लेकर कान्हा के लिए दिन भर से तैयार बैठे हैं, यह जताते हुए कि उनके बिना यह होली का त्योहार बिलकुल अधूरा है, क्योंकि 'तेरे बिन काहे की होली'।

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Saroj Jangir Author Admin - Saroj Jangir

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