ओ जग झूठो रे संसार जाणो सांवरिया रे घरबार

ओ जग झूठो रे संसार जाणो सांवरिया रे घरबार

ओ जग झूठो रे संसार,
जाणो सांवरिया रे घरबार,
अठे हां दो दिन को मेहमान,
किणरो करा अठे अभिमान।।

भजलो सांवरिया रो नाम,
आखिर आसी थारे काम,
थारो धरयो रेवे धन माल,
थारे रती संग नहीं जाय,
ओ जग झूठो रे संसार,
जाणो सांवरिया रे घरबार।।

मीठो बोल जगत रे माय,
थारी बातां तो रह जाय,
क्यों थारो विरथा जन्म गमाय,
इण री ओछी उम्र रे माय,
ओ जग झूठो रे संसार,
जाणो सांवरिया रे घरबार।।

मत कर धन माया रो अभिमान,
आ तो बादलियारी छांव,
बंदो अंत समय पछताय,
थारे कछु हाथ नहीं आय,
ओ जग झूठो रे संसार,
जाणो सांवरिया रे घरबार।।

एक दिन भेजे बुलावो राम,
आपां छोड़ जावां संसार,
जोगाराम जीव समझाय,
माटी माटी में मिल जाय,
ओ जग झूठो रे संसार,
जाणो सांवरिया रे घरबार।।

ओ जग झूठो रे संसार,
जाणो सांवरिया रे घरबार,
अठे हां दो दिन को मेहमान,
किणरो करा अठे अभिमान।।



ओ जग झूठो रे संसार जाणो सांवरिया रे घरबार !! full bhajan !! चेतावनी भजन ! गायक जोगाराम प्रजापत live

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Saroj Jangir Author Admin - Saroj Jangir

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