साईं महादानी हैं साईं महादानी
साईं महादानी हैं साईं महादानी
साईं महादानी हैं, साईं महादानी,
रख ले मुझे चरणों में, तेरी मेहरबानी।
हाँ, साईं महादानी हैं, साईं महादानी,
रख ले मुझे चरणों में, तेरी मेहरबानी।।
तू ही आस मेरी, तू ही प्यास मेरी,
मेरी साँसों पे तेरी हो हुक्मरानी।
हाँ, साईं महादानी हैं, साईं महादानी,
सिर पे मेरे हाथ रख, तेरी मेहरबानी।।
मेरी आत्मा भी तू, परमात्मा भी तू,
तू है सबसे निराला, तेरा कोई ना स्वामी।
हाँ, साईं महादानी हैं, साईं महादानी,
रख ले मुझे चरणों में, तेरी मेहरबानी।।
मेरी तो आन है तू ही, मेरी तो शान है तू ही,
मेरी खुशियाँ, मेरे जज़्बे, मेरे अरमान है तू ही।
मेरी पूजा की थाली तू, सुबह पावन निराली तू,
चाहे रहे तू शिरडी में, रहे पूजा ही शिरडी में, सारी दुनिया क़व्वाली तू।।
फूलों तारों पर भी, चाँद सितारों पर भी,
निगाह रहती तुम्हारी, है कल्याणी।
हाँ, साईं महादानी हैं, साईं महादानी,
रख ले मुझे चरणों में, तेरी मेहरबानी।।
मुझे वर दे दे भक्ति का, मुझे ज़र दे दे भक्ति का,
यह चोला साफ़ हो जाए, मुझे दर दे दे भक्ति का।
निगाहों में मुझे रख ले, पनाहों में मुझे रख ले,
तू अपने आने-जाने की ही राहों में मुझे रख ले।।
यह बेड़ा पार कर दे, मेरा उद्धार कर दे,
कोई दुनिया में तुझ-सा ना बलिदानी।
हाँ, साईं महादानी हैं, साईं महादानी,
रख ले मुझे चरणों में, तेरी मेहरबानी।।
तू ही आस मेरी, तू ही प्यास मेरी,
मेरी आत्मा भी तू, परमात्मा भी तू,
मेरी साँसों पे तेरी हो हुक्मरानी।
हाँ, साईं महादानी हैं, साईं महादानी,
हाँ, साईं महादानी हैं, साईं महादानी।।
रख ले मुझे चरणों में, तेरी मेहरबानी।
हाँ, साईं महादानी हैं, साईं महादानी,
रख ले मुझे चरणों में, तेरी मेहरबानी।।
तू ही आस मेरी, तू ही प्यास मेरी,
मेरी साँसों पे तेरी हो हुक्मरानी।
हाँ, साईं महादानी हैं, साईं महादानी,
सिर पे मेरे हाथ रख, तेरी मेहरबानी।।
मेरी आत्मा भी तू, परमात्मा भी तू,
तू है सबसे निराला, तेरा कोई ना स्वामी।
हाँ, साईं महादानी हैं, साईं महादानी,
रख ले मुझे चरणों में, तेरी मेहरबानी।।
मेरी तो आन है तू ही, मेरी तो शान है तू ही,
मेरी खुशियाँ, मेरे जज़्बे, मेरे अरमान है तू ही।
मेरी पूजा की थाली तू, सुबह पावन निराली तू,
चाहे रहे तू शिरडी में, रहे पूजा ही शिरडी में, सारी दुनिया क़व्वाली तू।।
फूलों तारों पर भी, चाँद सितारों पर भी,
निगाह रहती तुम्हारी, है कल्याणी।
हाँ, साईं महादानी हैं, साईं महादानी,
रख ले मुझे चरणों में, तेरी मेहरबानी।।
मुझे वर दे दे भक्ति का, मुझे ज़र दे दे भक्ति का,
यह चोला साफ़ हो जाए, मुझे दर दे दे भक्ति का।
निगाहों में मुझे रख ले, पनाहों में मुझे रख ले,
तू अपने आने-जाने की ही राहों में मुझे रख ले।।
यह बेड़ा पार कर दे, मेरा उद्धार कर दे,
कोई दुनिया में तुझ-सा ना बलिदानी।
हाँ, साईं महादानी हैं, साईं महादानी,
रख ले मुझे चरणों में, तेरी मेहरबानी।।
तू ही आस मेरी, तू ही प्यास मेरी,
मेरी आत्मा भी तू, परमात्मा भी तू,
मेरी साँसों पे तेरी हो हुक्मरानी।
हाँ, साईं महादानी हैं, साईं महादानी,
हाँ, साईं महादानी हैं, साईं महादानी।।
Sai Mahadaani | साई महादानी | Sai Baba Bhajan | Babul Supriyo | Chandana Dixit | Full Audio Song
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भक्त का हृदय जब उस परम सत्ता की कृपा और दया के सामने नतमस्तक होता है, तब वह उसे अपने जीवन की एकमात्र आस और प्यास मानता है। यह सत्ता इतनी महान और दानी है कि वह हर प्राणी पर अपनी अनंत करुणा बरसाती है, और भक्त का मन उसकी शरण में पूर्ण समर्पण के लिए तड़प उठता है। वह साईं, जो आत्मा और परमात्मा दोनों का स्वरूप है, भक्त के लिए हर सांस का आधार और हर धड़कन का स्वामी बन जाता है। यह विश्वास कि उसकी निगाहें सदा अपने भक्तों पर रहती हैं, भक्त को एक ऐसी शांति और आनंद प्रदान करता है, जो संसार के किसी भी सुख से परे है। उसकी कृपा में डूबकर भक्त यह अनुभव करता है कि उसका जीवन, उसकी शान, उसकी खुशियाँ और उसके सारे अरमान उसी सत्ता की देन हैं।
भक्त की एकमात्र याचना यही होती है कि वह उस साईं की भक्ति में लीन हो जाए, उसका मन निर्मल हो, और उसका जीवन उसकी सेवा में अर्पित हो जाए। वह उस सत्ता से प्रार्थना करता है कि उसे अपनी निगाहों और पनाहों में रखे, ताकि उसका बेड़ा पार हो और उसका उद्धार हो जाए। यह भक्ति का वह मार्ग है, जहाँ भक्त अपने आप को पूर्णतः उस साईं के चरणों में समर्पित कर देता है, यह जानते हुए कि उस जैसा कोई बलिदानी नहीं, जो हर प्राणी के कल्याण के लिए सदा तत्पर है। उसकी शिरडी हो या कोई और धाम, भक्त का मन हर जगह उसी की कव्वाली में रम जाता है, और वह उस अनंत कृपा में डूबकर अपने जीवन को सार्थक और पवित्र बना लेता है।
भक्त की एकमात्र याचना यही होती है कि वह उस साईं की भक्ति में लीन हो जाए, उसका मन निर्मल हो, और उसका जीवन उसकी सेवा में अर्पित हो जाए। वह उस सत्ता से प्रार्थना करता है कि उसे अपनी निगाहों और पनाहों में रखे, ताकि उसका बेड़ा पार हो और उसका उद्धार हो जाए। यह भक्ति का वह मार्ग है, जहाँ भक्त अपने आप को पूर्णतः उस साईं के चरणों में समर्पित कर देता है, यह जानते हुए कि उस जैसा कोई बलिदानी नहीं, जो हर प्राणी के कल्याण के लिए सदा तत्पर है। उसकी शिरडी हो या कोई और धाम, भक्त का मन हर जगह उसी की कव्वाली में रम जाता है, और वह उस अनंत कृपा में डूबकर अपने जीवन को सार्थक और पवित्र बना लेता है।
Song Name: Sai Mahadaani
Album: Sai Ki Nikli Hai Palki
Singer: Babul Supriyo, Chandana Dixit
Lyrics: Balbir Nirdosh
Music Director: Nadeem-Shravan
Original Song: Dil Tera Deewana
Original Album: Raghuveer
Album: Sai Ki Nikli Hai Palki
Singer: Babul Supriyo, Chandana Dixit
Lyrics: Balbir Nirdosh
Music Director: Nadeem-Shravan
Original Song: Dil Tera Deewana
Original Album: Raghuveer
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Author - Saroj Jangir
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